Friday, August 10, 2018

राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल पर तकरार, सोनिया बोलीं- हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ

राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल पर तकरार, सोनिया बोलीं- हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ

नई दिल्‍ली: संसद में आज मानसून सत्र का अं‌तिम ‌दिन है। मोदी कैबिनेट ने ट्रिपल तलाक बिल में संशोधन को मंजूरी दे दी है और आज मोदी सरकार ट्रिपल तलाक संशोधन बिल संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में पेश करेगी। अगर विधेयक ऊपरी सदन में पारित हो जाता है तो इसे संशोधन पर मंजूरी के लिए वापस लोकसभा में पेश करना होगा। जिस पर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सरकार जहां इसे राज्‍यसभा से पारित किए जाने की उम्‍मीद जता रही है, वहीं विपक्ष ने अभी पत्‍ते नहीं खोले हैं कि उसका रुख क्‍या रहेगा? इन सबके बीच कांग्रेस नेता व यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है।

तीन तलाक से संबंधित यह विधेयक इसके कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद राज्‍यसभा में पेश किया जाना है। यूनियन कैबिनेट ने गुरुवार को ही इसमें तीन संशोधनों को मंजूरी दी थी, जिसके बाद सवाल उठाए जा रहे हैं कि विभिन्‍न मुद्दों को लेकर इसका अब विरोध कर रहे विपक्ष का रवैया अब क्‍या होगा? हालांकि सोनिया ने इस पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है, लेकिन उन्‍होंने साफ नहीं किया है कि उनकी पार्टी राज्‍यसभा में विधेयक का समर्थन करेगी या नहीं? सोनिया से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने केवल इतना कहा, ‘इस मुद्दे पर हमारा रुख साफ है।’

इस बीच, कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में राफेल डील को लेकर प्रदर्शन भी किया। उनके हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं तो उन्‍होंने नारेबाजी भी की। इस दौरान सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद थे। वहीं, केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने भरोसा जताया कि इस विधेयक को राज्‍यसभा से पारित कराने में सरकार को सभी दलों का समर्थन मिलेगा और विभिन्‍न पार्टियां अपने राजनीतिक ‘स्‍वार्थ’ से ऊपर उठकर इसे सहयोग देंगे।

आपको बता दें कि कांग्रेस इस बिल को प्रवर समिति के पास  के पास भेजने की मांग कर रही है. लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पिछले साल शीतकालीन सत्र में ही ध्वनि मत से पास हो गया था. गुरुवार को कैबिनेट ने बिल में तीन संशोधनों को मंजूर किया था. जिसमें तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को बेल देने का अधिकार होगा. साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार (जिससे उसका खून का रिश्ता हो) भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं . पति-पत्नी आपस में समझौता भी कर सकते हैं.

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