Thursday, August 9, 2018

राज्यसभा के उपसभापति चुनावः हरिवंश बनाम हरिप्रसाद मुकाबले में एनडीए उम्मीदवार ने मारी बाजी 

राज्यसभा के उपसभापति चुनावः हरिवंश बनाम हरिप्रसाद मुकाबले में एनडीए उम्मीदवार ने मारी बाजी 

 इससे पहले विपक्ष के मोदी सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव के वोटिंग के दौरान शिवसेना गैरहाजिर रहकर पीएम मोदी और अमित शाह को झटका दिया था.

राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए आज मतदान हुआ. एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश सिंह को इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल हुई है. हरिवंश सिंह जेडीयू से राज्यसभा के सांसद हैं. उन्होंने विपक्ष की ओर से कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को मात दी. हरिवंश के पक्ष में कुल 125 वोट पड़े तो वहीं बीके हरिप्रसाद के हक में कुल 105 वोट पड़े. वोटिंग में कुल 222 सांसदों ने हिस्सा लिया.

राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने जैसे ही हरिवंश सिंह की जीत का ऐलान किया तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उनकी सीट पर जाकर बधाई दी. विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी उन्हें जीत की बधाई दी. और साथ में काम करने की अपील जताई.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई…

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए उपसभापति चुनाव के नतीजों के बाद कहा कि अगस्त क्रांति में बलिया की बड़ी भूमिका थी. हरिवंश से भी उसी बलिया से आते हैं. पीएम मोदी ने अरुण जेटली के राज्यसभा में वापस आने पर भी बधाई दी. PM ने कहा कि हरिवंश सिंह कलम के धनी हैं, उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी काफी बढ़िया काम किया. वह हमेेशा से गांव से जुड़े रहे, उन्हें कभी शहर की चकाचौंध नहीं अच्छी लगी.

एनडीए के पास के बहुमत का आंकड़ा कम था, लेकिन अंतिम मौके पर कुछ दलों ने एनडीए को समर्थन करने का ऐलान किया जिससे पूरा खेल ही पलट गया.

अरुण जेटली ने दी बधाई

राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने भी नए उपसभापति हरिवंश सिंह को बधाई दी. उन्होंने कहा कि हरिवंश जी का बतौर सांसद कार्यकाल काफी अच्छा रहा है. हमें उम्मीद है कि उनके अनुभव का फायदा सदन को मिलेगा. जेटली बोले कि उपसभापति को समर्थन भले ही सत्ता पक्ष का मिलता हो लेकिन वह बैठता विपक्ष के नेता के साथ ही है.

दो बार हुई वोटिंग

राज्यसभा में उपसभापति चुनाव के लिए दो बार वोटिंग हुई. पहली बार में हरिवंश को 115 तो दूसरी बार में 122 वोट मिले. पहली बार कुछ वोट ठीक तरीके से ना हो पाने के कारण दोबारा वोटिंग हुई.

ओडिशा की BJD, तमिलनाडु की AIADMK और तेलंगाना से TRS ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील पर एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश सिंह का साथ दिया. ऐसे में विपक्ष की उम्मीदों को करारा झटका लगा.

कैसे बदला समीकरण…

एनडीए राज्यसभा में जादुई आंकड़े से कम थी. इस चुनाव में बीजेडी के 9 सांसद किंग मेकर की भूमिका में रही. राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव की घोषणा के बाद पीएम मोदी और जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवीन पटनायक से फोन पर बात कर एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश के लिए समर्थन मांगा.

पीएम मोदी और नीतीश कुमार ने नवीन पटनायक से फोन पर बात करके समर्थन के लिए बात की तब तक विपक्ष अपना उम्मीदवार तय ही नहीं कर पाया था. इसका नतीजा हुआ कि एनडीए विपक्ष में सेंध लगाने में कामयाब हो गई.

बता दें कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए उपसभापति पी. जे. कुरियन का कार्यकाल पिछले महीने यानी जुलाई में समाप्त हो गया था. 245 सदस्यीय राज्यसभा में इस समय 244 सदस्य हैं जबकि 1 सीट खाली है. मौजूदा 244 सदस्यीय उच्च सदन में उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए 123 मतों की जरूरत थी. लेकिन कुल 222 सदस्यों ने वोट किया, जिसके कारण बहुमत का आंकड़ा भी कम हुआ.

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