Monday, August 13, 2018

टर्म इंश्योरेंस: दिल का सुकून भी अपनों की सुरक्षा भी ,जानिए कैसे ?

टर्म प्लान -एक छोटी सी धनराशि बड़ी सुरक्षा

नई दिल्ली :आपके ऊपर आर्थिक जिम्मेदारियां हैं और उनके जीवन लक्ष्यों के लिए आपको योजनाएं बनानी हैं |आपके ऊपर होम लोन, पर्सनल लोन जैसी जिम्मेदारियां हैं तो आपको निश्चित तौर पर इंश्योरेंस की जरूरत है।आपको अपनी सालाना कमाई का कम से कम 10 गुना लाइफ कवर लेना चाहिए. इससे आपके नहीं रहने की स्थिति में भी आपके परिजनों को रोजाना के खर्च के लिए जूझना नहीं पड़ेगा.
बीमा लेने के लिए कोई भी समय सही या गलत नहीं होता. यह जोखिम कवर करने का सबसे बढ़िया माध्यम है और आप जब पालिसी खरीदें, वही सही समय है.प्रातः लोग वित्त वर्ष की समाप्ति के समय टैक्स बचाने के लिए इस तरह के प्रोडक्ट खरीदने की जल्दबाजी में होते हैं,जबकि इसको जल्दबाजीमें नहीं बल्कि देख परख केर पूरी समंझदारी से लेना चाहिए|

बाजार में 2 तरह के इंश्योरेंस उत्पाद मौजूद हैं:
1.जीवन बीमा
2.गैर जीवन बीमा या जनरल इंश्योरेंस

लेकिन आज हम टर्म प्लान के बारे में विस्तार से जानेंगे।

टर्म प्लान क्या है?

टर्म इंश्योरेंस कम प्रीमियम पर अधिक कवरेज उपलब्ध कराने वाला एक विकल्प है. इसमें टर्म पूरा करने के बाद आपको रिटर्न में कुछ नहीं मिलता. इसको हम प्योर कवरेज का विकल्प कह सकते हैं. अगर बीमा लेने वाले व्यक्ति की टर्म के बीच में मृत्यु हो जाती है तो नोमिनी को बीमे की रकम मिल जाती है.

कहां से खरीदें ?
अपने पड़ोस के किसी इंश्योरेंस एजेंट से लेकर इसे ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है. यह बहुत आसान है और आप इ कॉमर्स साईट से की जाने वाली खरीदारी की तरह इसे भी खरीद सकते हैं.

ऑनलाइन टर्म प्लान खरीदने के फायदे :

यह बहुत सस्ता है और यहां विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की तुलना करना आसान है. आप इसे पालिसी बाजार, इन्श्योरिंग इंडिया, पालिसी एक्स या इटी इंश्योर जैसे एग्रीगेटर वेबसाइट से भी खरीद सकते हैं. हो सकता है कि आपको वहां सभी प्लान की डीटेल न मिले और इसके लिए कंपनी की वेबसाइट पर जाना पड़े.

टर्म प्लान कई तरह के पाए जाते हैं.इसमें आप कवर बढ़ाने या कम करने जैसी सुविधा ले सकते हैं. यह हर पांच साल में बदला जा सकता है. आप इसे महंगाई या अलग-अलग जिम्मेदारियों के हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं.
कुछ टर्म प्लान ऐसे भी हैं जिनमें टर्म पूरा हो जाने पर प्रीमियम की रकम वापस कर दी जाती है. इनमें प्लेन प्लान की तुलना में प्रीमियम अधिक होता है, लेकिन समझदारी यह कहती है कि आप प्योर टर्म प्लान लें और अतिरिक्त रकम को पीपीएफ या रेकरिंग डिपोजिट में डाल दें.

टर्म प्लान में भी बहुत से फीचर आ रहे हैं. पालिसी लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद एकमुश्त भुगतान, कई किश्तों में पेमेंट जैसी कई सुविधा हैं. उदाहरण के लिए पालिसी लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद एकमुश्त भुगतान के रूप में सम अस्योर्ड का 20 फीसदी भुगतान मिले और बाकी रकम क़िस्त के रूप में पालिसी के पूरे टर्म में मिलती रहे. इस लिहाज से जरुरी है कि पालिसी लेते वक्त ही इस तरह के विकल्प पर ध्यान दें. किसी एक बीमा कंपनी के एक ही प्लान में ऑनलाइन और ऑफलाइन वर्जन में अंतर हो सकता है.

अगर आपने अभी तक टर्म बीमा प्लान नहीं खरीदा है तो जल्द से जल्द इसे खरीदें। इससे न सिर्फ आपके प्रियजनों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि आपके मन को भी शांति मिलेगी।

by:Madhulika Tiwari Gupta

The post टर्म इंश्योरेंस: दिल का सुकून भी अपनों की सुरक्षा भी ,जानिए कैसे ? appeared first on News1india.

No comments:

Post a Comment