Monday, August 13, 2018

सूरज के नजदीक सात साल तक अध्ययन करने के लिए दुनिया का पहला ‘टच द सन’ मिशन रवाना,

सूरज के नजदीक सात साल तक अध्ययन करने के लिए दुनिया का पहला 'टच द सन' मिशन रवाना,

नासा का मिशन पार्कर सोलर प्रोब का ‘टच द सन’ मिशन रविवार को अपने ऐतिहासिक सफर पर रवाना हो गया। 1.5 अरब डॉलर की लागत से तैयार यह मिशन 24 घंटे की देरी से रवाना हुआ। इस मिशन को 12 अगस्त को ईस्टर्न डे टाइम के अनुसार 3.31 बजे केप कानावेरल एयरफोर्स स्टेशन से रवाना किया गया।

कार के आकार वाला यह यान 4.30 लाख मील प्रति घंटे की रफ्तार से सूरज के 24 चक्कर लगाएगा। सूरज तक पहुंचने की इस यात्रा के दौरान यह यान कई ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण मार्ग से होकर गुजरेगा। इसमें बुध ग्रह का गुरुत्वाकर्षण मार्ग भी इसकी मदद करेगा।

सूरज के इतने करीब पहुंचने वाला यह अब तक पहला यान होगा। इससे पहले लांच किए गए मिशन सफल नहीं हो सके थे। इससे पहले शनिवार को तकनीकी कारणों से इसे लॉन्च नहीं किया जा सका था।

सूर्य के नजदीक सात साल करेगा अध्ययन
पार्कर सोलर प्रोब सात साल तक सूरज के इर्दगिर्द चक्कर लगाते हुए अध्ययन करेगा। यह यान सूरज की बाहरी परत कोरोना के नजदीक रहेगा। कोरोना का ही तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस होता है। हालांकि कोरोना को पार करने के बाद सूरज की परत का तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस होता है। कोरोना को इनसानी आंखों से सूर्य ग्रहण के दौरान देखा जा सकता है। यह धुंधला सा झिलमिलाता वातावरण होता है।

 

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