Sunday, August 12, 2018

आखिरकार NRC, मॉब लिंचिंग, रोजगार पर पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी, इस तरह बोला विपक्ष पर हमला…

आखिरकार NRC, मॉब लिंचिंग, रोजगार पर पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी, इस तरह बोला विपक्ष पर हमला…

नई दिल्ली: कभी एनआरसी, मॉब लिंचिंग तो कभी रोजगार पर लगातार विपक्ष मोदी सरकार को घेरता आ रहा है। खासतौर पर इन दिनों विपक्ष  भाजपा पर कुछ ज्यादा ही हमलावर हो रहा है। हाल ही का मामला देखें तो असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों पर हुई कार्रवाई से विपक्ष ने मौजूदा सरकार पर जमकर हमला बोला। लेकिन अब चारों तरफ से विपक्ष द्वारा  हमला बोलने पर पीएम मोदी ने विपक्ष के सभी सवालों के एक साक्षात्कार में बेबाकी से जबाव दिए। बता दें कि समाचार एजेंसी एएनआई को प्रधानमंत्री ने अपने साक्षात्कार में उन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जिस पर अभी तक वे खुलकर नहीं बोले थे।

जानिए एएनआई व्दारा लिए गए साक्षात्कार में क्या बोले पीेएम मोदी…

एनआरसी  पर पहली बार बोले पीएम

साक्षात्कार की शुरुआत  हाल ही में असम में हुई कार्रवाई  एनआरसी विषय से शुरु हुई। जिस पर पीएम पूठा गया कि जिन लोगों का नाम अंतिम ड्राफ्ट में नहीं आया है उनका क्या होगा। क्या उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा। इस पर प्रधानमंत्री  ने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। जिन व्यक्तियों का नाम इस लिस्ट में नहीं है उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा। साथ ही पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत के किसी भी नागरिक को देश नहीं छोड़ना पड़ेगा। लोगों को प्रक्रिया के तहत सभी संभावित अवसर दिए जाएंगे।’ बता दें एनआरसी  पर पीएम ने पहली बार कुछ बोला है।

रोजगार पर विपक्ष को दिया जबाव

अक्सर विपक्ष अच्छे दिन कहां है पूछता दिखता है। कई बार विपक्ष के दिग्गज नेता तक कहते हैं कि मोदी जी अच्छे दिन तो तभी आएंगे जब हाथ में रोज़गार होगा। कहां है रोज़गार? रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचनाओं पर बेबाकी से जबाव देते हुए पीए ने दावे के साथ कहा कि, ‘पिछले एक साल में ही एक करोड़ से ज्यादा रोजगार दे दिए गए हैं , लेकिन बावजूद इसके विपक्ष अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्ष ये कहना छोड़ दे कि रोजगार पैदा नहीं हो रहे, हमने पिछली सरकार की अपेक्षा ज्यादा रोज़गार दिए हैं इसलिए निश्चित रूप से ऐसे गलत प्रचार करना बंद होना चाहिए।’

बढ़ती बलात्कार और मॉब  लिंचिंग की घटनाओं पर पीएम ने कहा…

महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध पर प्रधानमंत्री मोदा ने कहा कि ऐसी घटनाएं बहुत ही निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सभी को राजनीति से ऊपर उठकर समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करनी चाहिए।’ साथ ही देश के नागरिकों को भी इन घटनाओं को रोकने के लिए आगे आना चाहिए।कहा कि रोजगार, भीड़ हिंसा, महागठबंधन, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और पाकिस्तान से रिश्तों से जुड़े कई सवालों पर खुलकर अपनी बात रखी। राजनीतिक परिदृश्य और खास तौर से विपक्ष के महागठबंधन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गठजोड़ मौकापरस्ती का दिखावटी मेल है जिसका टूटना तय है। बस देखना यह है कि यह महागठबंधन चुनाव से पहले टूटता है या बाद में।

विपक्ष को दिया करारा जबाव

सबसे पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि ममता जी लोगों और अपनी खुद की नजरों में विश्वास गवां चुकी हैं। इसलिए देश को भड़काने के लिए ऐसे बयान दे रही हैं जिससे एक बार फिर विभाजन की स्थिति पैदा हो जाए। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  के जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहे जाने पर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात चुनावों के दौरान जीएसटी पर लोगों को भड़काने की पूरी कोशिश की, लेकिन देश की सवा करोड़ जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया। साथ ही पीएम ने ममता बनर्जी के उस बयान पर भी हमला बोला, जिसमें उन्होंने देश में गृह युद्ध की बात कही थी।

राहुल गांधी के गले लगने पर पहली बार बोले पीएम मोदी..

जब उनसे संसद में राहुल गांधी के गले लगने पर सवाल पूछा गया तो पहले वो मुस्करा गए और बोले कि ये आपको तय करना है कि क्या वाकई वो बचकाना हरकत थी या कुछ और था। अगर आप निर्णय लेने में कठिनाई हो रही हो तो आप  उनका बाद में बैठते हुए आंख मारना देखिए और आपको खुद जवाब मिल जाएगा।

पड़ोसी मुल्क की सत्ता परिवर्तन पर दिया अपना नज़रिया

इमरान खान के नेतृत्व में बनने वाली सरकार और दोनो देशों के रिश्तों पर प्रधानमंत्री मोदी ने सकारात्मक नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान शांति, सुरक्षा और स्थाई सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ेगा व हिंसा तथा आतंकवाद से मुक्त हो पाएगा।

आरक्षण खत्म करने को विपक्ष का नया एजेंडा कहा

प्रधानमंत्री ने आरक्षण खत्म करने की बात को पूरी तरह अफवाह करारा देते हुए कहा कि हमारे संविधान का उद्देश्य और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का सपना अभी तक पूरा नहीं हुआ है और इसे पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आरक्षण की इसमें अहम भूमिका है और ये कभी खत्म किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कुछ दल अपने फायदे के लिए भाजपा पर आरोप लगाते हैं कि आगे जाकर आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा मगर ऐसा कुछ भी नहीं है। साथ ही मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन सारी अफवाहों को फैलाने में विपक्ष के साथ सबसे ज्यादा मीडिया के एक खास तबके की अहम भूमिका रहती है।

हमारी सरकार से प्रभावित हो रहे हैं अन्य दल- पीएम

गठबंधन सहयोगियों का भाजपा में विश्वास खोने के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सवाल का जवाब हाल की दो घटनाओं से मिल जाता है। पहला लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और राज्य सभा में उप सभापति का चुनाव, इन दोनों घटनाओं का रिजल्ट साफ करता है कि कि कौन सा गठबंधन मजबूत है और कौन सा असफल हो रहा है। यहां तक कि हमने उन दलों का भी समर्थन हासिल किया है, जो गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक विनम्र ‘कामदार’ हूं। मैं इस देश के ‘नामदारों’ की तुलना में कुछ भी नहीं हूं। किससे नफरत करनी है, कब नफरत करनी है और किसे ‘प्यार’ करना है और कैसे इसे दिखाना है। इस सबमें मेरे जैसे कामदार क्या कह सकते हैं।

महागठबंधन पीएम ने बताया पूरी तरह खोखला

हर कोई महागठबंधन पर पीएम के जबाव की अपेक्षा कर रहा था। आखिरकार पीएम ने इस पर बयान दे ही दिया। सबसे पहले तो उन्होंने महागठबंधन  महज एक दिखावा बताया। उन्होंने  मोदी बनाम महागठबंधन पर कहा कि विपक्षी दल हमारी सरकार की लोकप्रियता से इतने सहमत हैं कि वे अकेले हमसे लड़ने की अपनी योग्यता पर ही विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। इन सभी दलों के पास खुद को साबित करने के लिए भरपूर मौका था, लेकिन वे भ्रष्टाचार, कुनबापरस्ती और कुशासन में ही व्यस्त रहे।

अब वे जानते हैं कि उनका जाति, वर्ग, समुदाय और धर्म पर आधारित चुनावी गणित विकास की केमिस्ट्री के साथ खड़ा नहीं हो सकता। देश का सवा करोड़ जनता ने भाजपा को चुनाव दर चुनाव और राज्य दर राज्य में अपनी आकांक्षाएं पूरी करने के लिए चुना है। जनता साफतौर पर इन दलों और भाजपा के बीच का अंतर पहचानती है। आज आपातकाल का विरोध करने वाले उनके साथ खड़े हैं, जिन्होंने इसे लागू किया था। जो भ्रष्टाचार से लड़ने जा रहे थे, वे उस दल के साथ खड़े हैं, जिसने हर स्तर पर संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। जिन दलों का अस्तित्व ही एक-दूसरे से लड़ाई पर टिका था, वे अब दोस्त बन रहे हैं।

महागठबंधन को बताया विपक्ष की महत्वकांक्षा

महागठबंधन पर कहा कि देश की जनता के उद्धार के लिए नहीं बल्कि अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। देखना ल्दी ही इसकी पूरी सच्चाई आप सभी के सामने आ जाएगी। ये देश के विकास के लिए नहीं बल्कि अपनी नाकामी को छिपाने के साथ खत्म होते अपने अस्तित्व को बचाने के लिए है। बस अब सवाल ये है कि इस गठबंधन की सच्चाई कब आप लोगों के सामने आ पाएगी। हो सकता है चुनाव से पहले ही इनके पत्ते बिखर जाएं या फिर बाद में  ये स्वत: ही अपनी सच्चाई बयां कर दें।

 

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