Friday, September 14, 2018

सीबीआई ने माना माल्या को दिए गए नोटिस पर हुई थी चूक

भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या का सीबीआई की एक चूक ने भागने का रास्ता साफ कर दिया है। सीबीआई ने कहा है कि ‘विजय माल्या के खिलाफ 2015 के लुकआउट सर्कुलर में बदलाव करके हिरासत से बदलकर उसके आवागमन के बारे में केवल सूचना देना निर्णय की त्रुटि थी क्योंकि वह जांच में सहयोग कर रहा था और उसके खिलाफ कोई वारंट नहीं था।’ इस विवाद में 3 साल बाद फिर से सीबीआई सूत्रों ने सामने आने के बाद बताया है कि 12 अक्तूबर 2015 को पहला लुकआउट सर्कुलर यानी की एलओसी जारी किया गया था। उस वक्त विजय माल्या विदेश में था। उसे वापस आने के बाद एजेंसी से ब्यूरो आफ इमीग्रेशन (BOI) ने सवाल किया था कि ‘क्या माल्या को हिरासत में लिया जाना चाहिए जैसा कि एलओसी में कहा गया है।’

सीबीआई ने इस पर कहा कि माल्या को हिरासत में लेने की या फिर गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि वर्तमान में वह एक सांसद है। साथ ही उसे खिलाफ वारंट भी नहीं है। उन्होंने कहा कि उसके आवागमन के बारे में एजेंसी सूचना चाहती है। सूत्रों ने बताया है कि उसके खिलाफ जांच एक प्रारंभिक चरण पर थी। 900 करोड़ रुपये के कर्ज चूक मामले में सीबीआई तब आईडीबीआई से दस्तावेज इक्टठे कर रही थी। माल्या के खिलाफ नवम्बर 2015 के अंतिम सप्ताह में एक नई LOC जारी की गई थी। उसमें देशभर के सभी हवाई अड्डा प्राधिकारियों से कहा गया था कि माल्या के आवागमन की सूचना वो उन्हें दें। जिससे सर्कुलर ने उस पूर्ववर्ती सर्कुलर की जगह ले ली थी जिसमें बोला गया था कि अगर माल्या देश से बाहर जाने का प्रयत्न करे तो उसे हिरासत में लिया जाए।

सूत्रों के मुताबिक 2015 अक्तूबर में शराब कारोबारी माल्या ने देश की यात्रा की थी जिसके बाद वह नवम्बर में देश वापस लौट आया था। उसके बाद उसने दो यात्राएं दिसम्बर के पहले और आखिर सप्ताह में की थी। माल्या ने 1 यात्रा जनवरी 2016 में भी की थी। इसी बीच में 3 बार वो पूछताछ के पेश हुआ था। क्योंकि उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी थे। पूछताछ के लिए वो एक बार दिल्ली में और 2 बार मुंबई में पेश हुआ था। उन्होंने कहा कि नोटिस में बदलाव ‘एरर ऑफ जजमेंट’ था। क्योंकि वह उसमें सहयोग कर रहा था। जिस वजह से उसे उसे विदेश जाने से रोकने के लिए कोई भी कारण नहीं था। माल्या देश छोड़कर 2 मार्च 2016 में चला गया था। वह अभी ब्रिटेन में रह रहा है। वहां पर वो प्रत्यर्पण मुकदमा लड़ रहा है।

इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे, और इस तरह के पोस्ट को पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहे.

No comments:

Post a Comment