Saturday, September 15, 2018

मथुरा : सड़क पर पागल हाथी की तरह दौड़ने लगी एम्बुलेंस, दो लोगों को रौंदा

मथुरा : उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे करती है। लेकिन 102 एम्बुलेंस की लचर व्यवस्था इन दावों की पोल खोलकर रख देती है। इतना ही नहीं 102 एम्बुलेंस की व्यवस्थाओं में लापरवाही लोगों की जान पर भी बन आयी है। दरअसल, मथुरा में इलाज के लिए जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस मथुरा की सड़कों पर मौत को सवारकर दौड़ने लगी।

दरअसल, यूपी के मथुरा जिले में 102 एम्बुलेंस एक बीमार बच्चे को अस्पताल ले जा रही थी। एम्बुलेंस मथुरा के सिविल लाइन स्थित जिला अधिकारी कार्यालय के पहुंची ही थी कि तभी एम्बुलेंस के ब्रेक फेल हो गये। फिर क्या था एम्बुलेंस एक पागल हाथी की तरह सड़क पर दौड़ने लगी। एम्बुलेंस का संतुलन बिगड़ गया। ब्रेक फेल होने के कारण एम्बुलेंस चालाक घबरा गया और अपनी सूझबूझ से गाड़ी को नियंत्रित किया। लेकिन एम्बुलेंस ने 2 राहगीरों को रौंदा भी दिया। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। फिलहाल, दोनों घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।

सवाल ये है कि आखिर एम्बुलेंस को सड़क पर उतारने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच क्यों नहीं की गयी। ब्रेक फेल होने से कोई भी भयानक हादसा हो सकता था। अगर ऐसी लापरवाही में किसी की जान चली जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली एम्बुलेंस क्या लोगों के जान की दुश्मन बन जाएगी। ऐसे में सूबे की बगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है। जनता के लिए 102 एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की गयी थी लेकिन इसे लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कभी एम्बुलेंस वक्त पर मरीज के पास नहीं पहुंचती तो कभी एम्बुलेंस की ब्रेक फेल हो जाती है। ये राज्य की खाराब व्यवस्थाओं का एक नमूना ही तो है। सवाल ये है कि क्या प्रशासन इन लापरवाहियों पर लगाम लगाने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?

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