Saturday, September 15, 2018

ऑस्ट्रेलियाई संग्रहालय में चोरी की निकली नटराज मूर्ति, जल्द सौंपी जाएगी भारत को

कैनबरा : ऑस्ट्रेलिया के एक संग्रहालय में नटराज की एक ऐसी आकर्षक मूर्ति है जो दरअसल चोरी की है। इस बात की पुष्‍टी ऑस्‍ट्रेलिया की ही एक आर्ट गैलरी ने की है। बताया जा रहा है कि यह नटराज की मूर्ति करीब 500 साल पुरानी है जो भारत के एक मंदिर से चोरी की गई थी। ऑस्‍ट्रेलिया के ही एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आर्ट गैलरी ने इस बात की पुष्टि कर दी है। यह भी कहा जा रहा हैै कि मूर्ति जल्‍द भारत को वापिस लौटाई जाएगी।

एडीलेड स्थित आर्ट गैलरी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया ने इस मूर्ति के विषय में बताया है कि हम मूर्ति के बारे में शोध कर रहे थे। शोध के दौरान ही एशियन आर्ट क्यूरेटर ने सितंबर 2016 में इस बात की जानकारी दी थी कि नटराज की यह अद्भुत मूर्ति दरअसल चुराई गई थी। इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई अफसरों के बीच इसे लेकर बातचीत हुई है। उन्‍होंने कहा कि हमने इससे संबंधित सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो एक महीने में यह मूर्ति भारत के पास होगी।

भारतीय मंदिरों के निर्माण कला के विशेषज्ञ और द आइडल थीफ किताब के लेखक कुमार के अनुसार, एजीएसए द्वारा जो भी जानकारी दी गई है वह पूरी तरह सही है। हालांकि कुमार ने कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि दो साल पहले इस चोरी का पता लग चुका था, इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के अफसर चुप क्‍यों रहे। क्या यही उनकी नैतिकता है।

कैसे हुई चोरी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडू के नेल्लई के मंदिर से नटराज समेत चार मूर्तियां चुराई गई थी। इस चोरी को अंजाम देने के लिए चोरों ने मंदिर का ताला तोड़ा था और चोरी की वारदात हुई थी। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद 1982 तक मूर्तियों को गायब माना गया था। जबकि जब आर्ट गैलरी के तत्कालीन निदेशक रॉन रेडफोर्ड ने बिचौलियों से बातचीत की तो पता चला कि मूर्ति चोरी की नहीं है। जबकि डीलर से जब मूर्ति के मालिक की जानकारी लेने की कोशिश की गई तो पता चला कि मूर्ति के मालिक का कोई पता नहीं है।

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