Saturday, September 15, 2018

जूही चावला की रेडिएशन नियंत्रण वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार सुप्रीम कोर्ट

नई बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला मेहता और अन्य की दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी। दरअसल, ये पूरा मामला इन लोगों द्वारा दायर मोबाइल टॉवरों से होने वाले विकिरण से जुड़ी याचिका का है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जूही चावला की इस याचिका के साथ-साथ मोबाइल टॉवरों से होने वाले विकिरण के लिए पहले से लंबित याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई की जाएगी।

जस्टिस रंजन गोगोई, नवीन सिन्हा और के एम जोसेफ की पीठ ने मोबाइल टॉवरों से होने वाले विकिरण से जुड़ी सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ दिया है। आपको बता दें कि जूही चावला बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल की गई अपनी याचिका को स्थानांतरित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जूही का इस बारे में कहना है कि हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में ले लिया है। जब शीर्ष कोर्ट इस बारे में कोई फैसला लेता है तभी उनकी याचिका को लिया जाएगा। दरअसल, जूही चावला ने अपनी याचिका में स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बारे में अपील की है। याचिका के मुताबिक स्वास्थ्य संबंधी खतरों को कम से कम करने के लिए विकिरण को कम करने को लेकर नियम तय करने की अपील की है।

5जी मोबाइल तकनीक को लेकर जूही चावला इसी साल फरवरी में ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर चिंता जता चुकी हैं। साथ ही कई सवाल भी पूछे हैं। अपने पत्र में चावला ने लिखा है कि मोबाइल टॉवर एंटीना और वाईफाई हॉटस्पॉट से निकलने वाली इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन के कारण सेहत को पहुंचने वाले नुकसान के प्रति चेतावनी दी थी। जूही ने लिखा कि लोगों की सेहत पर रेडियोफ्रिक्वेंसी के अनुमानित खतरनाक प्रभावों के बारे में विस्तार से जाने बगैर इसे लागू नहीं करना चाहिए। क्या इस नई तकनीक पर पूरा शोध किया गया है? चावला ने पत्र में दावा किया कि टेलीकम्युनिकेशन विभाग के दिशा-निर्देशों की उपेक्षा किया गया और इमारतों पर मोबाइल टॉवर एंटीना लगा दिया गया।

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