Thursday, September 13, 2018

रविशंकर प्रसाद कांग्रेस पर पलटवार कर कहा, लंदन दौरे में हुई राहुल और माल्या के बीच सांठगांठ?

नई दिल्ली: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात का खुलासा करने के बाद भारतीय राजनीति में घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस ने मोदी सरकार और वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है. वही कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस में पूछा कि जो कोई भी देश का पैसा लेकर भागता है वह प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के साथ क्यों नजर आता है।

ऐसा लग रहा है कि इस देश में एक फिल्म चल रही है, जिसका नाम ‘जब वी मेट’ पार्ट-2 हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ये सब मोदी सरकार की देख रेख में होता है. माल्या को न सीबीआई पकड़ती है और न ही पुलिस पकड़ती है. जब मोदी सरकार ही देश का पैसा लूटने वाले को खुद भगा रही है तो फिर क्या कहा जा सकता है. लगता है मोदी जी का नया नारा है, ‘भगोड़ों का साथ और लुटेरों का विकास’.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसादने दावा किया

वही बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि माल्या के इस आरोप के पीछे बड़ा षड्यंत्र है। बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कनेक्शन भी निकाल लिया है।

रविशंकर ने कहा कि क्या किसी ने इस बात को नोटिस किया है कि राहुल गांधी के लंदन दौरे के बाद ही माल्या ने यह आरोप क्यो लगाए ? उधर, बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विजय माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस को लेकर राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप लगाए।

कानून मंत्री ने पूछा कि क्या माल्या के आरोप और राहुल गांधी का कोई कनेक्शन है ? गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘ये सारे आरोप बिल्कुल बेबुनियाद हैं। अरुण जेटली ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई जबर्दस्ती संसद के गलियारे में मिलने की कोशिश करता है तो उन्होंने उसे झटक कर कह दिया कि आप बैंकों के पास जाइए।’

रविशंकर ने कहा कि 1947 से 2008 के बीच भारतीय बैंकों ने 18 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जबकि 2008-14 में यह बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए।

Reported : Pramod

इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे, और इस तरह के पोस्ट को पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहे.

No comments:

Post a Comment