Friday, September 14, 2018

अगर मुख्यमंत्री उनसे मिलने नहीं आए तो, प्रदेश की अस्त-व्यस्त शासन की जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी..

लखनऊ –  राजधानी के हजरतगंज स्थित गान्धी प्रतिमा पर सैकड़ों PACL निवेशकों ने प्रदर्शन किया। और केंद्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा की आर एम लोढ़ा समिति में फरवरी 2016 में यह तय हुआ था कि पीएसीएल निवेशकों का पैसा उनको भुगतान कर दिया जाए। परंतु सेबी ऐसा करने से मुकर रही है

PACL के अध्यक्ष विकास त्रिपाठी ने बताया की यह कंपनी निवेशकों का पैसा भूखंडों या नगद भुगतान के आशय से चल रही थी जिसमें निवेशकों ने अपना पैसा निवेश किया था परंतु सीबीआई के आ जाने के बाद उनका पैसा फँस गया है जिसका भुगतान नहीं हो पा रहा है जबकि आर एम लोढ़ा समिति में यह साफ कर दिया गया था कि निवेशकों का पैसा भुगतान कर दिया जाए।

आज केंद्र की बीजेपी सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जबकि जब शासन सत्ता में अरुण जेटली नहीं थे तब वह PACL के निवेशकों की वकालत खुद कर रहे थे परंतु जैसे ही शासन सत्ता एवं वित्त मंत्री का पद मिल गया वह नियम निवेशकों का दुख दर्द सब भूल बैठे हैं और सिर्फ अपने स्वार्थ में चोर हैं।

PACL निवेशकों ने कहा कि वह 15 16 सितंबर से लखनऊ के दुबग्गा स्थित जॉगर्स पार्क में भारतीय किसान यूनियन के बैनर के तले अपनी लड़ाई लड़ेंगे और यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं होते हैं और उनसे मिलने जॉगर्स पार्क नहीं आते हैं तो वह लखनऊ के प्रत्येक चौराहे पर लाखों की संख्या में उतरेंगे और रोड को जाम करेंगे जिससे शासन व्यवस्था अस्त-व्यस्त होगी और इसकी सारी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार होगी।

 

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