Saturday, September 15, 2018

अब नहीं दिखेंगी बीटल कारें, जानें क्यों हो रहा है इनका उत्‍पादन बंद

दुनियाभर में काफी पसंद की जाने वाली जर्मनी की कार बीटल अब सड़कों पर नहीं दिखेगी। दरअसल इस कार का उत्‍पादन बंद होने जा रहा है। कंपनी ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस तरह इस कार का अंतिम उत्‍पादन अगले साल तक ही किया जाएगा। जानकारी दे दें कि बीटल कभी जर्मन तानाशाह हिटलर की पसंदीदा कार हुआ करती थी।

कंपनी ने इसके उत्‍पादन को बंद करने की वजह घाटा बताया है। इसी वजह से कंपनी इसे बंद करने का निर्णय ली है। पिछले सात दशकों से लोगों के बीच प्रचलित रही इस कार अपनी बनावट और खास रंगों के लिए सबसे ज्‍यादा पसंद की जाती है।

साल 1933 में हिटलर ने फर्डिनांड पोर्श को एक ऐसी कार बनाने का आदेश दिया था जो आम लोगों की पसंद बने और महंगी भी ना हो। इसलिए इसका नाम वोक्सवैगन दिया गया जिसका जर्मनी में मतलब प्रचलित कार होता है।  कहा जाता है कि हिटलर एक ऐसी कार चाहता था जो जरूरत पड़े तो 100 किमी की रफ्तार से दौडें और चार लोगों के बैठने की सुविधा हो। Germany Car Company Volkswagen, Iconic Beetle Car

पॉर्श ने हिटलर के संरक्षण में ही साल 1937 में फॉक्सवैगन वर्क यानी आम लोगों की कार बनाने वाली फैक्ट्री का निर्माण किया है। सेंकेंड वर्ल्‍ड वॉर के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी के कार उद्योग को बदहाली से बाहर निकालने के लिए फॉक्सवैगन को सबसे ज्‍यादा बढ़ावा दिया। इस प्रकार बीटल को अमेरिका में पहली बार 1950 में बाजार में उतारा गया था। लेकिन जर्मनी से नाजी का संबंध होने की वजह से इसकी बिक्री पर काफी प्रभाव पड़ा।

साल 1959 में इसे दुबारा नये सिरे से पेश किया और विज्ञापन में इसके छोटे आकार को प्रमुखता से पेश किया गया। यही नहीं, हिटलर की इस फेवरेट कार को डिजनी ने 1968 की अपनी फिल्म ‘दी लव बग’ में प्रयोग किया जिसके बाद इसे काफी पसंद किया गया।

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