Friday, September 14, 2018

भारत में हर घंटे दो नाबालिगों के साथ होता है बलात्कार : नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो

भारत में हर घंटे दो नाबालिग बलात्‍कार के शिकार हो रहे हैं। यही नहीं, 44 प्रतिशत बच्चियों के अपहरण होने का भी खुलासा हुआ है। यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो 2016 की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र की कम से कम दो बच्चियां हर घंटे बलात्कार का शिकार हो रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में  44 प्रतिशत बच्चियों का अपहरण किया गया। इसके अलावा, अपहरण की गई बच्चियों का या तो बलात्कार किया गया, या वैश्यावृत्ति के काम में जबरन धकेल दिया गया या काम-काज कराने के लिए जबरदस्‍ती की गई।

देश में बढ़ते बलात्कार की घटनाओं और बच्चों के साथ हो रहे अपराध व हिंसा की घटना पर यह रिपोर्ट नेशनल क्राइम रिकोर्ड्स ब्यूरो, नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट और चाइल्ड फंड इंडिया में मिलकर किया है। इस रिपोर्ट की बात की जाए तो 2005 में हर दिन 11 बच्चियों के साथ बलात्कार की घटना हुई थी जबकि हर दो घंटे में एक बच्ची हिंसा का शिकार हुई। वहीं 2016 में इनकी संख्‍या बढ़कर 46 पहुंच गई। मतबल हर घंटे दो बच्चियों के साथ बलात्कार किया गया।

देश भर में मासूमों की हत्‍या की बात की जाए तो 2016 में 144 भ्रूण हत्या के मामले सामने आए, जिनमें तीन से चार मामले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से थे। जबकि 93 केस ऐसे हुए जिनमें नवजात को जन्म के साथ मारा गया।  इस मामले में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए। जबकि 100 हत्याओं में से 6 हत्या 18 साल से कम उम्र की बच्चों की की गई। अपहरण और भगाने के मामले की बात की जाए तो 2016 में करीब 55000 बच्चों का अपहरण किया गया, जबकि एक लाख से अधिक बच्चों के मामले दर्ज किए गए।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बलात्कारियों को मिलने वाली सजा दर 28 प्रतिशत से भी कम दर्ज की गई। यही नहीं, पुलिस महज 64 प्रतिशत केस पूरा कर पाई। रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि बच्चों के साथ शारीरिक दुष्कर्म, दुरुपयोग और हिंसा के राष्ट्रीय आंकड़ों की कमी देखने को मिल रही है। लेकिन तमाम तरह की राष्ट्रीय नीति होने के बावजूद बच्चों के साथ हिंसा का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, बच्चों के परिवार या जान पहचान के लोग ही उनका शोषण कर रहे हैं।

 

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