Friday, September 14, 2018

चंद्रशेखर ‘रावण’ को समय से पहले मिली रिहाई, आधी रात में हुआ रिहा

भीम सेना के मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण को सरकार ने गुरुवार देर रात को सहारनपुर जेल से रिहा कर दिया है। रावण को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में भेजा गया था। 10 महीने जेल में बंद रहने के बाद कल गुरुवार देर रात करीब 2 बजकर 24 मिनट  पर जेल से रिहा हो गया है। उसकी रिहाई के वक्त जेल के बाहर बहुत सारे समर्थक मौजूद थे। साथ ही जेल की चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बता दें कि चंद्रशेखर ‘रावण’ ने सहारनपुर जेल से रिहा होने के बाद एक सभा को संबोधित किया है।

रावण ने सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। रावण ने कहा कि ‘सरकार को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फटकार लगाई जा रही थी। जिससे सरकार डरी हुई थी। इसलिए उन्होंने खुद को बचाने के लिए जल्दी रिलीज का आदेश दे दिया। मैं आश्वस्त हूं कि वह 10 दिनों के भीतर मेरे खिलाफ कुछ न कुछ आरोप लगाएंगे। मैं 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए अपने लोगों से बात करूंगा।’ रावण की रिहाई को लेकर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया है कि गुरुवार को ही सहारनपुर के जिलाधिकारी को चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा करने के आदेश भेज दिए गए थे। साथ ही उसकी मां के प्रार्थना पत्र पर उसकी रिहाई का फैसला लिया गया है।

आपको बता दें कि रावण सहारनपुर जेल से रिहाई 1 नवंबर 2018 को होनी थी। सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा फैलाने के आरोप में मई 2017 में रावण को गिरफ्तार किया गया था। वह चंद्रशेखर भीम सेना बनाने के बाद चर्चे में आए थे। हिमाचल प्रदेश से 8 जून 2017 को चंद्रशेखर उर्फ रावण को गिरफ्तार किया था। दलित समाज में उसकी गिरफ्तार को लेकर बहुत विरोध किया गया था। जिस वजह से गिरफ्तारी के बाद 2 दिन तक सहारनपुर में जिला प्रशासन इंटरनेट सेवा बंद रखी थी। जानकारी दे दें कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस चंद्रशेखर उर्फ रावण के पक्ष में खड़ी थी। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने और आप के मुखिया ने रावण से जेल मिलने के लिए सरकार से अनुमति भी मांगी थी। लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी।

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