Sunday, September 16, 2018

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने थामा जेडीयू का हाथ, शुरू की राजनीतिक पारी

पटना : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर यानी पीके ने अब अपने कदम राजनीति में रख दिये हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश की मौजूदगी में पीके जेडीयू में शामिल हो गये और अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी। इसके साथ ही पीके से जुड़ी एक और खबर खास है। दरअसल, प्रशांत किशोर पहली बार जनता दल यूनाइटेड की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए। रविवार को जेडीयू की कार्यकारिणी बैठक से पहले उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी की सदस्यता दिलायी। जानकारी है कि राजनीति में आने के बाद वे किसी और राजनीतिक दल की रणनीति बनाने में मदद नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि आने वाले 2019 के लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने को लेकर पटना जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन होना है। लंबे समय से ऐसे अनुमान लगाये जा रहे थे कि जेडीयू की इस अहम बैठक में नीतीश कुमार की मौजूदगी में प्रशांत किशोर के जेडीयू में शामिल होंगे। आखिरकार इन सभी कयासों पर विराम लगाते हुए पीके जेडीयू में शामिल हो ही गये।

आपको बता दें कि प्रशांत किशोर 2014 में पहली बार सुर्खियों में आये थे। मोदी सरकार को सत्ता में लाने में पीके की रणनीति का अहम रोल माना जाता है। पर्दे के पीछे रहकर अपनी चुनावी रणनीति को अंजाम देते है। रणनीति के मामले में पीके को सबसे भरोसेमंद माना जाता है।  मोदी की बेहतरीन मार्केटिंग और विज्ञापन जैसे- चाय पे चर्चा, 3डी रैली, रन फॉर यूनिटी, मंथन का श्रेय प्रशांत किशोर को ही दिया जाता है। इसके अलावा पीके इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी संगठन चलाते हैं जो लीडरशिप, सियासी रणनीति, मैसेज कैंपेन और चुनावी भाषणों की ब्रांडिंग करने के लिए जाना जाता है।

2014 में ही पीके ने सिटिजन फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस यानी कैग की स्थापना की। जिसे भारत की पहली राजनीतिक एक्शन कमिटी कहा गया। इसमें जरिए आईआईटी और आईआईएम में पढ़ने वाले युवा प्रोफेशनल्स शामिल थे।

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