Wednesday, October 10, 2018

इस मंदिर में पुलिस के लिए बना नियम, मंदिर के अंदर नही ले जा सकते जूते और हथियार

नई दिल्‍ली : उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि पुरी के जगन्‍नाथ मंदिर में कोई भी पुलिसकर्मी हथियार लेकर और जूते पहनकर प्रवेश न करेंं। यह बात पिछले दिनों जगन्नाथ मंदिर  में श्रद्धालुओं के लिए कतार लगाकर दर्शन करने की व्यवस्था लागू करने के दौरान हिंसा पर संज्ञान लेते हुए कहा।

ओडिशा सरकार ने न्यायमूर्ति मदन बी. लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को बताया कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में हुई हिंसा के सिलसिले में 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अब वहां की स्थिति नियंत्रण में है।

राज्य सरकार ने अपनी दलील में पीठ को बताया कि जगन्नाथ मंदिर परिसर के अंदर कोई हिंसा की घटना नहीं हुई थी। हिंसा के दौरान मंदिर प्रशासन के कार्यालय पर हमला कर उसमें तोड़फोड़ की गई थी, जो कि मुख्य मंदिर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है।

इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करने वाले संगठन की ओर से पेश हुए वकील ने उच्‍चतम न्‍यायालय की इस पीठ के सामने यह बात कही थी कि हिंसा के दौरान पुलिसकर्मी हथियारों के साथ जूते पहनकर मंदिर में घुस आए थे।

इस पर पुलिस ने कहा था कि तीन अक्टूबर को एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन ने मंदिर में प्रवेश के लिए खड़े पंक्तिबद्ध दर्शनार्थियों और वहां की व्यवस्था के विरोध में 12 घंटे का बंद का आह्वाहन किया था और इसी दौरान मंदिर परिसर में हिंसा  हुई थी जिसमें नौ पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए थे।

मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि मंदिर में कतारबद्ध होकर प्रवेश की व्‍यवस्‍था की गई थी जो प्रयोग के तौर पर शुरू की गई थी। लेकिन स्थानीय लोग और सेवादारों के विरोध के बाद इस व्‍यवस्‍था की समीक्षा की जाएगी।

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