Sunday, October 14, 2018

जाने आखिर क्यों नवरात्र में बोए जाते है जौ

हमारे यहां त्योहारों का बहुत महत्त्व हैं। वही त्योहारो में कई रीति-रिवाज होते हैं जिन्हे हम बहुत दिलो से पूरा करते है। लेकिन अक्सर हमें इनके पीछे का उद्देश्य पता ही नहीं होता है। वही अभी नवरात्र का समय चल रहा हैं साथ ही ऐसा भी देखा जाता हैं कि नवरात्र में कलश के सामने गेहूं व जौ को मिट्टी के पात्र में बोया जाता है और इसका पूजन भी किया जाता है। हममें से अधिकतर लोगों को पता नहीं होगा कि जौ आखिर क्यों बोते हैं? जौ बोने के पीछे का ये रहस्य जानकर आप दंग रह जायेंगे, आपके भविष्य का संकेतनवरात्र में जौ बोने के पीछे मान्यता है कि सृष्टि की शुरुआत में सबसे पहली फसल जौ की ही थी। बता दे कि जौ को पूर्ण फसल भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता हैं कि जौ बोने का मुख्य कारण है कि अन्न ब्रह्म है इसलिए अन्न का सम्मान करना चाहिए। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि नवरात्र पूजा में केवल जौ बोने का ही महत्व नहीं है बल्कि यह कितनी तेजी के साथ बढ़ता है, ये भी अहम होता है। खास बात ये है कि नौ दिनों में जौ कितना उग जाती है, यह हमारे भविष्य का भी संकेत करता है।

* बता दे कि जौ का तेजी से बढ़ना घर में सुख समृद्धि का संकेत माना जाता है। अगर जौ घनी नहीं उगती है या ठीक से नहीं उगती है तो इसे घर के लिए अशुभ माना जाता है।

* वही अगर जौ सफेद रंग के और सीधे उगे हो तो इसे शुभ माना जाता है। अगर जौ काले रंग के टेढ़े–मेढ़े उगती है तो अशुभ माना जाता है।

* इतना ही नहीं अगर जौ का रंग नीचे से पीला और ऊपर से हरा हो तो माना जाता है कि वर्ष की शुरुआत खराब होती है।

* इसके उलट अगर जौ का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला हो वर्ष की शुरुआत अच्छी होती है, लेकिन बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।

* इसके उलट अगर जौ का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला हो वर्ष की शुरुआत अच्छी होती है, लेकिन बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

* अगर जौ घनी और हरी उगती है तो पूरा वर्ष अच्छा बीतने का संकेत मिलता है।

 

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