Thursday, October 11, 2018

मी टू कैंपेन में फंसे अकबर के सपोर्ट में आईं स्मृति ईरानी, कहा- बात रखने का मिले मौका

नई दिल्ली : मी टू कैंपेन आजकल सुर्खियों में है जिसके तहत कई महिलाएं एक के बाद एक खुलासा कर रही हैं। इस कैंपेन के तहत विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर का नाम सामने आने के बाद और विपक्ष की तरफ से इस्तीफा मांगे जाने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और शिवसेना सांसद संजय राउत के समेत कई सारे नेता एमजे अकबर के बचाव में खड़े हो गए हैं। स्मृति ईरानी ने कहा है कि वो किसी की भी ओर से नहीं बोल रही हैं लेकिन फिर भी इस मामले से जुड़े इंसान को अपनी पूरी बात रखनी चाहिए। इसके अलावा शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि जो बात 10-20 साल बाद सामने आ रही है उस बात पर उनका बयान लेना बहुत जरूरी है।

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि ‘जो सज्जन व्यक्ति इस मामले से जुड़े हैं, उन्हें अपनी बात लोगों के सामने रखनी चाहिए। उनकी महिला सहयोगी को मीडिया सामने ला रही है, मैं इसकी तारीफ करती हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि जो महिलाएं अपनी बात सामने ला रही हैं, उन्हें इंसाफ जरूर मिलना चाहिए।’ इसके अलावा संजय रावत ने सभी शिकायतों पर सवाल उठाते हुए ये कहा है कि ‘10-20 साल के बाद शिकायत करना ठीक नहीं है। शेक्सपियर का जो सेंटेंस था कि जस्ट यू टू, वो हिंदुस्तान में मी टू हो गया है। इसमें कितने लोग बलि चढ़ेंगे इस पर कोई कुछ नहीं कह सकता। चाहे राजनीति हो, साहित्य या बॉलीवुड हो या फिर पत्रकारिता हो जो भी हो रहा है महिलाओं की रक्षा होनी चाहिए। हमारा धर्म हमारा संस्कार है।’

जानकारी दे दें कि विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को लेकर जो भी फैसला लेना है वो सरकार लेगा। इस मामले को लेकर आखिरी फैसला जो भी होगा वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का होगा। आपको बता दें कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले और बीजेपी नेता रीता बहुगुणा जोशी ने इस मामले को लेकर इससे पहले एमजे अकबर को सपोर्ट किया था।

इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे, और इस तरह के पोस्ट को पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहे.

No comments:

Post a Comment