Sunday, October 14, 2018

मोदी सरकार ने ले लिया नोटबंदी जैसा कड़ा फैसला,अब जनता को होगी…

मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है महंगाई पर नियंत्रण करने में असफल दिखती नजर आ रही है।नोटबन्दी और जीएसटी के बाद व्यापार में जिस प्रकार से मंदी का दौर गुजर रहा उससे हर कोई वाकिफ है।प्राइवेट कंपनियों में जिस प्रकार से लोगो की छटनी हो रही है उससे बेरोजगारी दर भी काफी बढ़ गयी है।इस मंदी के दौर में जहाँ एक ओर वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे है वही सरकार ने मोबाइल और डिजिटल यंत्रो पर 20 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी लगा दी है।

17 चुनिंदा वस्तुओ पर सरकार ने ये इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ाई है।बताते चले कि इससे पहले 26 सितंबर को सरकार ने 19 वस्तुओ पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा चुकी है जिसमे फ्रिज,ऐसी शामिल है जो 12 अक्टूबर से लागू हो चुकी है।सरकार ने जिन 17 वस्तुओ पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है उनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार है।

ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट उपकरण,पैकेट ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट उत्पाद और स्विच,स्मार्ट वाच,ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क वस्तुवें,कैरियर ईथरनेट स्विचस वस्तुएं और वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल जैसी वस्तुओं पर 10 फीसदी तथा पैकेट ट्रांसपोर्ट नोड वस्तुएं,मल्टीप्रोटोकॉल लेबेल स्विटचिंग ट्रांसपोर्ट प्रोफाइल की वस्तुएं,
मल्टीपल इनपुट और आउटपुट(MIMO) पर भी 10 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है।

इन सभी के साथ साथ आईटी सेक्टर से जुड़े सामानों एलटीई उत्पादों पर 20 परसेंटेज की बढ़ोतरी की है।केंद्र सरकार ने एक सूचना के तहत कहा है जो कि केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के द्वारा जारी किया गया है कि कस्टम टैरिफ एक्ट 1975 के चैप्टर 85 के तहत आने वाले सामान पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ाना चाहिए इस एक्ट के अंतर्गत आने वाले सामानों पर पहले 10 परसेंट इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई जाती थी जिसको बढ़ा कर 20 परसेंटेज कर दिया गया है।

चैप्टर 85 के अंतर्गत बिजली की मशीनें, साउंड रिकॉर्डर,टेलीविज़न और इनके पार्ट्स आते है।जिनपर सरकार ने इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
भारतीय जनता पार्टी जब से सत्ता ने आयी है उन्होंने देश को डिजिटल बनाने की योजना पर काम करते देखा गया है जिस प्रकार आधार कार्ड के माध्यम से आम नागरिक के लेनदेन और बैंकिंग प्रणाली को डिजिटल करने की कोशिश की है उसको हम भली भांति जानते है।

सरकार ने भारत को डिजिटल इंडिया बनाने के नियम लागू किए है ठीक उसके विपरीत लोगो पर इसके शुल्क भी देने को बाध्य कर दिया है जिसका जीता जागता उदाहरण बैंकों द्वारा मिनिमम बैलेंस चार्ज ,एटीएम के द्वारा लेन देन के रूप में हमें देखने को मिला है।

आज भारत में जिस प्रकार से टेक्नोलॉजी को लेकर क्रांति आयी है उसको देखते हुए सरकार द्वारा डिजिटल सामानों पर इम्पोर्ट डयूटी को बढ़ाना आम नागरिक के लिए मुश्किल खड़ा करने समान है।

2014 में मोदी सरकार जिन वादों पर सत्ता में आई और देश को एक नया और सुनहरा स्वप्न दिखाया था उससे कथनी और करनी में काफी अंतर नजर आता है।फिलहाल बढ़े हुए दर जल्द ही लागू होने का अंदेशा है ।अब देखना ये है कि विपक्ष और जनता इस बढ़े हुए वस्तुओ पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

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