Tuesday, December 4, 2018

महाराष्ट्र सरकार ने साई बाबा से लिए 500 करोड़, राज्य में शुरू हुआ विवाद

शिरडी के साईं बाबा से जुडी एक बड़ी खबर सामने आई  है जो कि काफी चर्चा में बनी हुई है। और साथ ही तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही है।

जानकारी के अनुसार खबर है कि महाराष्ट्र सरकार को साईं से 500 करोड़ रुपये की मदद मिली है। और ये रुपये सरकार को लोन के तौर पर मिले हैं। लेकिन सरकार को इन रुपयों पर ब्याज नहीं देना होगा। क्योकि आम तौर पर जब भी बैंक से कर्ज लेते है तो आपको मूल रुपये साथ-साथ ब्याज भी देना होता है। वही मामले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। आर अब ये मामला कोर्ट जुड़ता दिख रहा है।

दरअसल, शिरडी के साईं बाबा मंदिर से 500 करोड़ रुपये के कर्ज लेने के फैसले पर कांग्रेस नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रकट किया है। मामले पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे सरकार की आर्थिक पतन करार दिया है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी तक दे दी है।

सरकार के फैसले का विरोध करते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता ने दावा किया कि अगर मंदिर का पैसा ट्रस्ट से बाहर जाता है, तो इसका असर उन कार्यों को पर पड़ेगा जो साईं भक्तों के लिए ट्रस्ट की ओर से किया जाता है। कार्यकर्ता का दावा है कि इसका असर ट्रस्ट मं काम कर रहे छह हजार संविदा कर्मियों के सैलरी पर भी पड़ेगा।

इसके साथ ही एक और दावा करते हुए कार्यकर्ता ने बताया कि, साल 2016 के लिए आयकर विभाग ने मंदिर ट्रस्ट से 183 करोड़ रुपये की मांग की है और ये मामला अब भी कोर्ट में हैं। ऐसे में अगर कोर्ट का फैसला मंदिर के पछ में नहीं आता है तो ट्रस्ट को बतौर आयकर 1300 करोड़ रुपये देने पड़ सकते हैं। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने भी 500 करोड़ रुपये देने की इजाजत नहीं जी है, लिहाजा वे इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे।

बता दें कि राज्य की सरकार ने साईं से ये रुपये अहमद नगर जिले की निलवंडे बांध परियोजना के लिए लिये हैं। साथ ही बता दें कि इसी परियोजन के लिए केंद्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री कृषि संजीवनी योजना के तहत जून तक 2,232 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए है।

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