Tuesday, December 4, 2018

आखिर आमरण अनशन पर बैठने पर क्यों मजबूर है पीड़ित परिवार…

अतर्रा बांदा – देवी शंकर सोनी जो नेहरू कॉन्वेंट स्कूल अतर्रा के प्रधानाचार्य ,स्पष्ट आवाज दैनिक पेपर के पत्रकार ,दो न्यूज़ पोर्टल चैनल के कार्यकर्ता व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार के मंडल अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता थे 23.09.2018 दिन रविवार को सायं लगभग 5:40 बजे गणेश विसर्जन के दिन नरैनी रोड में मोटरसाइकिल में प्रवीण द्विवेदी के साथ चौराहे की तरफ जा रहे थे तभी अभियुक्त गण किरण प्रकाश मिश्रा पुत्र जज बहादुर मिश्र, शाश्वत मिश्रा पुत्र किरण प्रकाश मिश्रा, हीरामन पुत्र शिव नारायण ,भोले त्रिपाठी पुत्र शिव कुमार आशीष रैकवार पुत्र स्वर्गीय जागेश्वर रैकवार, अमित रैकवार पुत्र स्वर्गीय जागेश्वर व दो अज्ञात लोगों ने देवीशंकर को घेरकर गोली मार दिया था।

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इस घटना को उनकी पुत्री प्राची सोनी व अखिल सोनी ने स्वयं देखा था और प्राची सोनी ने थाना अतर्रा में 25.09.2018 को तहरीर देकर एफ0आई0आर0 दर्ज कराई थी। जिसमें तीन अपराधी सास्वत मिश्र, अमित रैकवार व आशीष रैकवार को जेल भेज दिया है शेष तीन अपराधी बचे हुए है। परिवार वालों का आरोप है कि भाजपा के नेताओं द्वारा पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर अपराधियों को बचाने का कार्य किया जा रहा है। परिवार के लोगों ने कहा कि अपराधियों को बचाने का का प्रयास भाजपा के विधानसभा के मंडल प्रभारी पुरुषोत्तम पांडे, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों व शासन के उच्च पोस्टों पर आसीन लोगों को गुमराह कर अपराधियों को बचा रहे हैं और जातिवाद शिष्य गुरु का नाता और रिश्तेदारी के लोग बता कर अपराधियों को खुलेआम बचाने का कार्य कर रहे हैं वहीं मृतक का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

घटना से पहले ही मृतक देवी शंकर सोनी ने 12.12.2014 को एक पत्र लिखा था जिसकी सूचना पुलिस अधीक्षक बांदा व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को दिया था। जिसमें कहा गया है कि पत्र में लिखे हुए लोगों से उनकी जान माल का खतरा है और अगर मेरे ऊपर कोई भी घटना घटित होती है तो उसके लिए पत्र में लिखे हुए लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाए जिसकी प्रति संलग्न है।

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परिवार की मांग है कि पुलिस प्रशासन द्वारा बचे अपराधियों के ऊपर 82 की कार्रवाई हो चुकी है जिसका समय पूरा हो रहा है अविलंब 83 की कार्यवाही कर जेल भेजा जाए क्योंकि मुख्य अभियुक्त सास्वत मिश्रा ने स्वीकार किया है कि भोले त्रिपाठी व हीरामन के पास एक तमंचा ,एक खाली खोखा, वह एक जिंदा कारतूस है।

मु0अ0स0 88/2016 से स्पष्ट होता है कि यह कितने शातिर लोग हैं जिसमें 420,67,68 323,504 धाराओं में चार्ज शीट लगने के बाद कोर्ट से भूल सुधार के वास्ते पुनः विवेचना कराकर एफoआरo लगवाना चाहते हैं और इसी बीच मेरे भाई देवी शंकर को गोली मार देते हैं जिसकी विवेचना चल रही है शीघ्र ही विवेचना पूर्ण कराई जाए। और मुझे शस्त्र लाइसेंस निर्गत कराया जाए ताकि मेरी जान की रक्षा हो सके मैंने 3.10.2018 को शस्त्र लाइसेंस का फॉर्म जमा कर दिया था अभी तक शस्त्र लाइसेंस नहीं बन पाया। भोले त्रिपाठी और हीरामन समदरिया को विवेचना दौरान पकड़ कर छोड़ना यह दर्शाता है कि अपराधियों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही तथा उनको बचाया जा रहा है।

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इस घटना से प्रार्थी व प्रार्थी का पूरा परिवार डरा हुआ है अगर मेरे साथ व मेरे परिवार के साथ कोई घटना घटित होती है तो इसके संपूर्ण जिम्मेदार डीoआईoजीo बांदा, पुलिस प्रशासन बांदा व पुरुषोत्तम पांडे व उनके दोनों बच्चे होंगे।

वहीं पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर पीड़ित व्यक्ति को न्याय नहीं मिला तो 17.12.2018 से जीoपीoओo पार्क लखनऊ में आमरण अनशन के लिए संपूर्ण परिवार बैठ जाएगा। जिसकी सूचना प्रार्थी रामदीन ने डीoआईoजीo कार्यालय व मुख्यमंत्री जनता दरबार में पहले ही दे चुका है।

 

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