Sunday, January 13, 2019

देखें, प्रस्तुत मंत्र सूर्य का दिव्य और चमत्कारी मंत्र है। इस मंत्र को मकर संक्रांति के दिन पढ़ने से हर तरह के कार्य सिद्ध होते हैं..

आज एक बार फिर मै कुछ धर्मं एवं अध्यात्म से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

मंत्र- &#8216ॐ नमः खखोल्काय&#8217

भगवान सूर्य अपने सारथि &#8216अरुण&#8217 से इस मंत्र के विषय में कहते हैं- हे खगश्रेष्ठ। मेरे मंडल के विषय में सुनो। मेरा कल्याणमय मंडल &#8216खखोल्क&#8217 नाम से विद्वानों के ज्ञान मंडल में और तीनों लोकों में विख्यात है। यह तीनों देवों एवं तीनों गुणों से परे एवं सर्वज्ञ है। यह सर्वशक्तिमान है।
&#8216ॐ&#8217 इस एकाक्षर मंत्र में यह मंडल अवस्थित है। जैसे घोर संसार-सागर अनादि है वैसे ही &#8216खखोल्क&#8217 भी अनादि है और संसार-सागर का शोधक है।

जैसे व्याधियों की औषधि होती है वैसे ही यह मंत्र संसार-सागर के लिए औषधि है।
मोक्ष चाहने वालों के लिए मुक्ति का साधन और सभी अर्थो का साधक है। खखोल्क नाम का यह मंत्र सदैव उच्चारण और स्मरण करने योग्य है। जिसके हृदय में &#8216ॐ नमः खखोल्काय&#8217 मंत्र स्थित है उसी ने सब कुछ पढ़ा है सुना है और अनुष्ठित किया है, ऐसा समझना चाहिए।

मनीषियों ने इस खखोल्क मंत्र को &#8216मार्तण्ड&#8217 के नाम से प्रतिष्ठापित किया है। इस मंत्र के प्रति श्रद्धानत् होने पर पुण्य प्राप्त होता है। भविष्य पुराण, (ब्रह्म पर्व) अध्याय 187

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