Friday, January 11, 2019

राफेल घोटाले में पीएम मोदी के खिलाफ FIR दर्ज कर सकते थे अलोक वर्मा, इस लिए किये गए बर्खास्त : प्रशांत भूषण

बुधवार को वापस नियुक्त हुए अलोक वर्मा को दोबारा बर्खास्त दिया गया है। नियुक्ति के तुरंत ही बाद अलोक वर्मा अपने पुराने अधिकारीयों को वापस बुला लिए थे। जिसके बाद सब यह कयास लगाने लगे थे राफेल मामले की जल्द ही जांच शुरू की जायेगी।       

लेकिन आलोक वर्मा कुछ करवाई कर पाते उसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने तगड़ा झटका दिया है। समिति ने गुरुवार को बैठक के बाद आलोक वर्मा को पोस्ट से हटाने का फैसला किया है।

चयन समिति की बैठक पीएम मोदी के आवास पर हुई थी। तकरीबन ढ़ाई घंटे तक चली इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जस्टिस एके सीकरी और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल रहे। हालांकि बैठक में खड़गे ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पोस्ट से हटाए जाने का विरोध किया, लेकिन पीएम मोदी और जस्टिस सीकरी वर्मा को हटाने के पक्ष में रहे।

आलोक वर्मा को पोस्ट से हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “ब्रेकिंग! तो, सीबीआई निदेशक के रूप में पोस्टभार ग्रहण करने के एक दिन बाद, मोदी की अध्यक्षता वाली समिति ने फिर से आलोक वर्मा को सुने बिना जल्दबाजी में पोस्ट से दिया। ऐसा राफेल घोटाले में मोदी के खिलाफ FIR दर्ज करने की संभावना के डर से किया गया है! जांच को रोकने के लिए ऐसी हताशा”।

Breaking! So, a day after he resumed charge as CBI Director, the Committee headed Modi again transfers out Alok Verma haste, w/o even hearing him, fearing the prospect of his registering an FIR against Modi in the Rafale scam! Such desperation to prevent any investigation Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 10, 2019

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