Monday, January 14, 2019

देखें, स्मार्टफोन यूजर्स हो या इंटरनेट यूजर्स Google पर ई-मेल अकाउंट सब बनाते हैं।..

आज एक बार फिर मै कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

स्मार्टफोन यूजर्स हो या इंटरनेट यूजर्स Google पर ई-मेल अकाउंट सब बनाते हैं। एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए Google अकाउंट बनाना अनिवार्य होता है। बिना Google अकाउंट के यूजर्स एंड्रॉइड डिवाइस पर कोई भी ऐप डाउनलोड नहीं कर पाते हैं। Google अकाउंट बनाना काफी आसान होता है और इसके लिए आपको कोई चार्ज भी नहीं देना पड़ता है। दो दशक पहले ई-मेल का इस्तेमाल करना लोगों ने शुरू कर दिया। इस समय करीब 150 करोड़ लोगों के पास GMail या Google अकाउंट है जो कि दुनिया की जनसंख्या का 20 फीसद है। Google मेल या GMail का इस्तेमाल करना जितना आसान है, उतना ही यूजर्स पर फिशिंग अटैक, रेनसमवेयर अटैक एवं साइबर अटैक का खतरा रहता है।

आज हम आपको इन खतरानाक अटैक से बचने के बारे में तो बताएंगे ही साथ में आपको ये अटैक कैसै आपको GMail अकाउंट को टारगेट करते हैं ये भी बताएंगे। ताकि, आप अपने GMail अकाउंट और GMail को सुरक्षित कर सकें। सबसे पहले हम आपको यह बताना चाहेंगे कि ये साइबर क्राइम करने वाले हैकर्स किस तरह आपके GMail अकाउंट को हैक करते हैं।

इस तरह करते हैं हैक

हैकर आपके स्मार्टफोन या लैपटॉप के फाइस सिस्टम के लूप होल को ढूंढ़कर आपके कॉन्टैक्ट और मैसेज को एक्सेस कर लेते हैं। साइबर क्रिमिनल आपके अकाउंट के पासवर्ड को क्रैक करने की कोशिश करते हैं। आपके GMail अकाउंट का पासवर्ड अगर क्रैक हो जाता है तो क्रिमिनल आपके अकाउंट से जुड़ी सारी जानकारियां आसानी से निकाल लेते हैं। यह सब आपके GMail अकाउंट के पासवर्ड की जटिलता पर निर्भर करता है। आपके GMail अकाउंट का पासवर्ड अगर आसान है तो साइबर क्रिमिनल्स को इसे हैक करने में बहुत कम समय लगता है।

इन दिनों साइबर क्रिमिनल्स ने एक नया तरीका ढूंढ़ लिया है जिसकी मदद से कई यूजर्स आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं। साइबर क्रिमिनल्स इसके लिए GMail का एक फर्जी पेज बनाते हैं जो कि हू-ब-हू वास्तविक पेज से मिलता-जुलता है। आमतौर पर हम लॉगिन करते समय इन फर्जी पेज का URL चेक नहीं करते हैं और अपने अकाउंट की जानकारी दर्ज करने लगते हैं। जैसे ही आप इन फर्जी पेज पर अपने GMail अकाउंट की जानकारी दर्ज करेंगे, यह जानकारी हैकर के पास पहुंच जाएगी। इसके बाद आपके अकाउंट का एक्सेस हैकर्स आसानी से कर लेते हैं। इसके अलावा हैकर्स आपको टैक्स्ट या वॉट्सऐप मैसेज के दौरान keylogger मेलवेयर भी भेजता है। इस ऐप को जैसे ही आप इंस्टॉल करते हैं वैसै ही आपके की-संस्थान पर प्रेस होने वाला की यह ऐप रिकार्ड करने लगता है। जिसके बाद आपके अकाउंट में लॉग-इन करना हैकर्स के लिए काफी आसान होता है।

अब आप सोच रहे होंगे कि हैकर्स के इन ट्रिक्स से कैसे बचा जा सकता है। आप घबराइए नहीं, आज हम आपको हैकर्स के इन स्मार्ट मूव्स से बचने के लिए कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप इन हैकर्स के मायाजाल से बच सकते हैं।

फिशिंग और स्पूफ की करें पहचान

सबसे पहले जब भी आप किसी अनभिज्ञ मेल आइडी से कोई ई-मेल प्राप्त करते हैं तो उसे ओपन करने से पहले सोच लें। मेल ओपन कर भी लिया हो तो किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और अपने GMail अकाउंट की डिटेल्स दर्ज न करें। इसके अलावा आप हमेशा URL को चेक करें।

ई-मेल अटैचमेंट को करें चेक

आप किसी भी यूजर्स के द्वारा भेजे गए ई-मेल अटैचमेंट को ओपन करने से पहले स्कैन कर लें। इससे पहले आप ई-मेल द्वारा भेजे गए सोर्स की भी जांच कर लें।

पासवर्ड

सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपने GMail के पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें। इसके अलावा आपको अपने ई-मेल अकाउंट के पासवर्ड को काफी जटिल बनाकर रखें।

लेबलिंग

अपने GMail अकाउंट में आने वाले सभी ई-मेल को लेबल कर सकते हैं। लेबलिंग के जरिए आप अपने जरूरी ई-मेल को और गैर-जरूरी और प्रमोशनल ई-मेल को अलग कर सकेंगे

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