Tuesday, March 12, 2019

बर्तन धोने वाला ये शख्स, आज है 70 करोड़ का मालिक, जानिए इसकी सफलता की कहानी

जयराम बानन ये वो शख्स है जो कि हर साल 70 करोड़ से ऊपर की कमाई करते है लकिन एक समय था जब उनकी स्तिथि बेहद ही खराब थी। और वो बर्तन धोने का काम करते था। आज हम आपको उनकी ज़िन्दगी के वो पुराने दिनों के बारे में बताने जा रहे है। जो उनकी हालत बेहद ही खराब थी।

जानकारी के अनुसार जयराम बानन 60 दशक पहले घर से भागकर मुंबई आये थे और इस दौरन वो बर्तन धोने का काम करते थे। जयराम को पहले मुंबई में एक कैंटीन में बर्तन धोकर हर महीने 18 रुपए मिलते थे। लेकिन आज वो सागर रत्न रेस्टोरेंट की चेन चलाते हैं। वे इस चेन से हर साल 70 करोड़ से अधिक का टर्नओवर कमा लेते हैं।

जयराम का बचपन कर्नाटक के उडिपी में बीता और यहाँ पर उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे। उनके पिता काफी सख्त थे और परीक्षा में कम नंबर आने या स्कूल में शरारत करने पर वे बच्चों की आंख में मिर्च झोंक देते थे। जयराम सात भाई-बहन थे। जब वे 13 साल की उम्र में थे तो स्कूल में फेल हो गए। अपने पिता की मार खाने के डर से उन्होंने चुपके से पिता के पर्स से कुछ पैसे निकाले और घर से भाग कर मुंबई जाने वाली एक ट्रेन पकड़ ली। उन्हें एक गांव के एक व्यक्ति ने नवी मुंबई के पनवेल में स्थित हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स (HOC) की कैंटीन में काम पर लगा दिया। यहां वह बर्तन धुलते थे, जहां उन्हें सिर्फ 18 रुपए महीने के मिलते थे।

वहां काम करते हुए उन्हें बिजनेस का आइडिया सूझा और उन्होंने मुंबई में ही साउथ इंडियन फूड रेस्टोरेंट खोलने का सोचा, लेकिन उस वक्त मुंबई में साउथ इंडियन फूड के काफी सारे रेस्टोरेंट खुल रहे थे इसलिए जयराम 1973 में दिल्ली चले आए।

वही दिसंबर 1986 में जयराम ने दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी मार्केट में पहला रेस्टोरेंट खोला। इसका नाम उन्होंने रखा सागर। हालांकि उनके पास इन्वेस्टमेंट के नाम पर सिर्फ 5,000 रुपए ही थे, और उन्हें हर महीने दुकान का 3,000 रुपये किराया देना होता था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी खाने की क्वॉलिटी से कोई समझौता नहीं किया। वह सुबह 7 बजे से देर रात तक काम में लगे रहते थे। उनका साउथ इंडियन रेस्टोरेंट इतना पॉप्युलर हो गया, कि बैठने की सीट्स नहीं खाली रहती थीं और लोगों को लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ता था।

इसके बाद 2010 में जयराम ने केरल के उडुपी में अपने माता-पिता की याद में गरीबों और बेसहारों के लिए एक सागर रत्न रेस्टोरेंट खोला जिसमें 10 रुपए में भर पेट खाना उपलब्ध कराया जाता है। उनके यहां काम करने वाले लगभग 10,000 से अधिक कर्मचारी कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हैं। इसके बाद जैसे उनकी दुनिया ही बदल गयी।

वही जय राम की ज़िन्दगी की बात करे तो आज वो साल में 70 करोड़ से भी ज्यादा कमा लैते है और ये सब उनकी लगन और मेहनत के कारण हुआ है।

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