Wednesday, March 13, 2019

देखें ,सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- सिर्फ पटाखों पर बैन क्यों, गाड़ियों से अधिक होता है प्रदूषण!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन लगाने के संबंध में कहा कि सिर्फ पटाखों से ही प्रदूषण नहीं होता है। कोर्ट ने पटाखों से होनेवाले प्रदूषण संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पटाखे ही प्रदूषण का एकमात्र कारण नहीं हैं।

सड़क पर दौड़ रहे वाहनों से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है। जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने पाया कि केवल पटाखों को प्रदूषण की वजह मानना सही नहीं है जबकि ऑटोमोबाइल से प्रदूषण का अधिक खतरा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#8216लोग पटाखों पर प्रतिबंध की मांग क्यों करते हैं जबकि साफ महसूस किया जा सकता है कि ऑटोमोबाइल्स कहीं अधिक प्रदूषण करते हैं।&#8217
केंद्र सरकार ने कहा कि पटाखों के निर्माण में बेरियम का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जा चुका है। ग्रीन पटाखों का फार्म्युला अभी फाइनल किया जाना बाकी है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि बेरोजगार हुए कर्मचारियों का क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वह पटाखों और ऑटोमोबाइल्स द्वारा होनेवाले प्रदूषण पर एक तुलनात्मक अध्ययन कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।

रिपोर्ट में इस पर भी विचार किया जाए कि लोग ऑटोमोबाइल्स से प्रदूषण जानते हुए भी क्यों पटाखों पर बैन की मांग करते हैं जबकि ऑटोमोबाइल ज्यादा प्रदूषण फैलाता है। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 3 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

बता दें कि पटाखों पर पिछले साल दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से बैन लगाने से इनकार करते हुए कुछ प्रतिबंध जरूर लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अपने आदेश में कहा था कि पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बेच सकते हैं।

आपको बता दें कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, उस वक्त भी पटाखों पर लगे प्रतिबंधों के मामले पर काफी बवाल हुआ था।

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