Tuesday, March 12, 2019

धोनी ने कहा- मैच फिक्सिंग हत्या से बड़ा अपराध, जानिये कब और कैसे जुड़ा भारतीय खिलाड़ियों का फिक्सिंग से नाम

20 मार्च को रिलीज होने वाली चेन्नई सुपर किंग्स के ऊपर बनी डॉक्यूमेंट्री के ट्रेलर में कप्तान एम एस धोनी भावुक होते हुए दिखे। धोनी ने भावुक होते हुए कहा- “टीम मैच फिक्सिंग में शामिल थी, मुझ पर भी आरोप लगे थे। यह हम सब के लिए कठिन दौर था। वापसी करना भावुक क्षण था और मैंने हमेशा ही कहा है, जिस चीज से आपकी मौत नहीं होती, वह आपको मजबूत बनाती है।”

चेन्नई सुपर किंग्स के ऊपर बनी इस डॉक्यूमेंट्री ने क्रिकेट पर लगे मैच फिक्सिंग के जख्मों को दोबारा खरोद दिया है। सबको साल 2000 याद आ गया जब मीडिया में साउथ अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये ने मीडिया में आकर बताया कि उनकी मुलाकात बुकियों से भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने करवाई थी।

क्रोन्ये के इस खुलासे के बाद क्रिकेट जगत में भूचाल आ गया। बीसीसीआई ने अजहर पर प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही साथ आईसीसी ने भी अजहरुद्दीन के ऊपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन साल 2002 हैंसी क्रोन्ये की अचानक विमान दुर्घटना में हुई मौत के कारण फिक्सिंग जगत से जुड़े कई राज उनके साथ उनके कब्र में दफन हो गये। जिस वजह से साल 2012 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अजहरुद्दीन के खिलाफ सबूत नहीं होने के कारण उनपर से प्रतिबंध हटा दिया।

अजहरुद्दीन के मैच फिक्सिंग में नाम आने के बाद कई भारतीय खिलाड़ियों के ऊपर भी जांच बैठाई गयी। जिसमे अजय जडेजा का भी नाम आया। अजय जडेजा के खिलाफ फिक्सिंग में शामिल होने के सबूत पाए गए और उनके ऊपर बोर्ड ने 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया दिया था।

लेकिन विश्व क्रिकेट जगत तब हिल गया जब मनोज प्रभाकर ने आउटलुक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘जब मैं मुंह खोलूंगा, तो क्रिकेट की दुनिया हिल जाएगी…’। उन्होंने बताया कि एक क्रिकेटर ने खराब प्रदर्शन करने के लिए 25 लाख रुपए ऑफर किए थे। आगे जब इस मामले ने तूल पकड़ी तब बीसीसीआई ने एक जांच कमिटी बनाई और प्रभाकर से पूछताछ की गयी। इस पूछताछ के बाद बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने पुष्टि की कि मनोज  प्रभाकर ने कपिल देव का नाम लिया था। और यह मामला 1994 के एक मैच का था।

पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा द्वारा नाम लिए जाने के बाद क्रिकेट प्रेमियों का क्रिकेट से भरोसा उठ गया था। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था की जिस कप्तान ने भारत को पहला विश्वकप जितवाया था वह मैच फिक्स भी करवा सकता है।

मनोज प्रभाकर द्वारा नाम लिए जाने के तुरंत बाद ही कपिल देव ने भारतीय कोच के पद से इस्तीफा दे दिया और प्रेस कांफ्रेंस कर मनोज प्रभाकर के सामने होने पर थप्पड़ मारने तक की बात कह डाली। कपिल ने फिर करण थापर के शो में इंटरव्यू दिया, जिसमें वो फूट-फूटकर रोए थे। और बाद में बोर्ड ने अपने जांच में कपिल देव को निर्दोष पाया।

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