Thursday, March 14, 2019

हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बीजेपी और कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहा, जानिये वजह

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम का हैदराबाद के लोकसभा सीट पर साल 1984  से कब्जा है। इस वक़्त इस सीट से पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी काबिज है। और उनका उनकी गढ़ पमे इतनी पकड़ है की उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने में कांग्रेस और बीजेपी दोनों को मुश्किल आ रही है।

हैदराबाद से पहले एआईएमआईएम के संस्थापक सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी पार्टी का नेतृत्व करते थे। और बाद में उनकी राजनैतिक विरासत को उन्हीं के बेटे असदुद्दीन ओवैसी ने आगे बढ़ाया।

एआईएमआईएम को हराने के लिए बीजेपी और कांग्रेस को ताकतवर कैंडिडेट उतारने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के कोई भी वरिष्ठ नेता यहां से चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि 1984 से ही मुस्लिम बहुल यह सीट एआईएमआईएम के पास है। 2018 के विधानसभा चुनावों के दौरान हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाली सात में से छह विधानसभा सीटों पर एआईएमआईएम ने कब्जा जमा लिया था। चूंकि तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी टीआरएस और एआईएमआईएम के बीच पिछले पांच साल से दोस्ती है और ओवैसी कांग्रेस और बीजेपी दोनों को निशाने पर लेते रहते हैं लिहाजा दोनों पार्टियां इकलौते एआईएमआईएम सांसद को हराने पर खास जोर दे रही हैं।

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