Tuesday, March 12, 2019

Mahashivratri 2019: जानिए, क्यों रखते है महाशिवरात्रि का व्रत और जानिये इसमें क्या खाना चाहिए?

मान्यता है कि जो भी जातक महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं उन्हे 4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। कहते हैं कि महाशिवरात्रि में किसी भी प्रहर अगर भोले बाबा की आराधना की जाए तो भोले त्रिपुरारी दिल खोलकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है। महाशिवरात्रि भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। त्योहार से पहले ही तैयारियां कर लेना बेहतर होता है। व्रत में विशेष भोजन किया जाता है। व्रत के समय संभव हो तो जूस

महाशिवरात्रि से पहले ऐसे करें तैयारियां-

नहाकर हल्के सफेद या हल्के गुलाबी रंग के कपड़े पहने। भगवान सूर्यनारायण को तांबे के लोटे से जल दें और वहीं पर खड़े होकर 3 प्रदक्षिणा करे। अब अपने घर के मंदिर में साफ सफाई आरंभ कर दें और हो सके तो अपने घर के मंदिर को उत्तर पूर्व के कोने में ईशान कोण में स्थापित करे। मंदिर के सभी सामान को व्यवस्थित तरीके से रखे। मंदिर में प्रयोग होने वाले दीया, प्लेट, घण्टी, शंख आदि को पहले ही साफ करके रखे।

महाशिवरात्रि से एक दिन पहले आप भगवान शिव को अर्पण करने की समस्त सामग्रियों को खरीदें. जैसे रोली, मोली, साबुत चावल, धूप दीप, मिश्रि, कमलगट्टा, साबुत हल्दी, पांच प्रकार के फल, सफेद मिष्ठान, सफेद चंदन, नागकेसर, केसर, मिश्री, बेलपत्र, आक धतूरा, भांग, लाल और पीले गुलाब के फूल, आक के फूल, रंग बिरंगे अबीर गुलाल, गुलाब और चंदन का इत्र। इन सारी सामग्रियों को एक दिन पहले ही खरीद कर अपने पूजा के स्थान पर रखे। व्रत के व्यंजनों में सामान्य नमक के स्थान पर सेंधा नमक का प्रयोग करे।
व्रत के व्यंजनों में सामान्य नमक के स्थान पर सेंधा नमक का प्रयोग करें

लाल मिर्च की जगह काली मिर्च का ही प्रयोग करे। आप सिंघाड़े या कुट्टू के आटे के पकौड़े बना सकते है। साबूदाना का प्रयोग भी अच्छा होगा, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की प्रमुखता होती है और इसमें कुछ मात्रा में कैल्शियम व विटामिन-सी भी होता है। Share this&#8230
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