Tuesday, April 16, 2019

देखें, नए साल में पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71 से नीचे फिसला भारतीय रुपया..

आज एक बार फिर मै कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली- कच्चे तेल में आई तेजी के कारण देसी मुद्रा में आई कमजोरी से नए साल में डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को पहली बार 71 के स्तर को पार कर गया, यानी एक डॉलर का मूल्य 71 रुपये से अधिक हो गया. डॉलर के मुकाबले 71.02 के स्तर से संभलने के बाद रुपया पिछले सत्र की तुलना में सात पैसे की कमजोरी के साथ 71 के स्तर पर बना हुआ था. इससे पहले, देसी मुद्रा डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 16 पैसे की मजबूती के साथ 70.77 पर पर खुली थी. पिछले सत्र में रुपया डॉलर के मुकाबले लुढ़ककर 70.93 पर बंद हुआ था.

पीएचडी स्कॉलर संचिता खुराना ने बीती रात न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरी. 29 साल की संचिता को अमेरिका में रिसर्च के लिए स्कॉलरशिप मिली है. उनके लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशानी के रहे. इसकी वजह है डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी. डॉलर के मुकाबले रुपया रोजाना गिरावट का नया रिकॉर्ड बना रहा है. शुक्रवार को पहली बार रुपया 71 के नए निचले स्तर पर चला गया.

संचिता कहती हैं, ‘मैं इस उम्मीद में थी कि रुपया मजबूत होगा तब इसे डॉलर में बदलूंगी. लेकिन, ऐसा लगता है कि अभी बुरा दौर चल रहा है. इसलिए अब मैं और इंतजार नहीं कर सकती. अब मुझे रुपये को डॉलर में बदलने पर नुकसान उठाना ही पड़ेगा.’ संचिता ने गुरुवार को दक्षिणी दिल्ली में रुपये को डॉलर में बदल दिया.

रुपये में गिरावट से सिर्फ संचिता परेशान नहीं हैं. संचिता की तरह अमेरिका के आईवी लीग कॉलेज से मास्टर डिग्री लेने के लिए हाल ही में नौकरी छोड़ने वाली चेन्नई की पत्रकार प्रीति जकारिया भी परेशान हैं. उन्हें भी डर है कि रुपये की गिरावट के कारण पढ़ाई का उनका खर्च काफी बढ़ जाएगा. जकारिया ने न्यूयॉर्क से टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘फीस और अन्य दूसरे तरह के खर्च अनुमान से करीब 10 फीसदी बढ़ गए हैं.

हालांकि, संयोग से मुझे स्कॉलरशिप में अच्छी-खासी रकम मिल गई है. लेकिन रहने और खाने के साथ अन्य खर्चे बहुत बढ़ गए हैं. सच में, मैं अब यह चाहती हूं कि रुपया जल्द स्थिर हो जाये. विभिन्न देशों की मुद्राओं की चाल पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि महीने के आखिर में आयातक भारी मात्रा में डॉलर खरीदते हैं. इसलिए पिछले कुछ दिनों से रुपया कमजोर पड़ रहा है. हालांकि, इसके दूसरे बाहरी कारण भी हैं.

No comments:

Post a Comment