Wednesday, April 17, 2019

कुवांरी कन्याओं के लिए ख़ास है माँ कात्यायनी की आराधना, ऐसे करे पूजन


नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं और इन दिनों में सारे भक्त मातारानी को प्रसन्न करने के प्रयास में लगे हैं। इन दिनों घरों और मन्दिरों की सजावट देखने लायक होती है। यूं तो माँ दुर्गा के नौ स्वरूप हैं जिसमें से उनका छठा स्वरूप हैं माँ कात्यायनी। नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती हैं। इनकी चार भुजाएं हैं जिससे ये अपने भक्तों को आर्शीवाद देती हैं। इनकी चारों भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र, व कमल का पुष्प हैं। इन देवी का वाहन सिंह है। इनका स्वरूप दिव्य और चमकीला है।

कुवांरी कन्याओं के लिए ख़ास है माँ कात्यायनी की आराधना:-

इस दिन कुवांरी कन्याओं को माता की आराधना करने से काफी फल की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि इनकी पूजा करने से, व्रत करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती है और जीवन अच्छा बीतता है।

कैसे करें माँ कात्यायनी की पूजा:-

इनकी पूजा गोधूली वेला में करनी चाहिए। पूजा करते समय पीले या लाल वस्त्र पहनने चाहिए।पीले फूल चढ़ाएं और शहद अर्पित करें।माँ के मंत्र का स्मरण और जाप करें।मंत्र का ध्यान हाथों में फूल लेकर करें।

मंत्र:-

या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

ऐसा कहा जाता हैं कि माँ दुर्गा के छठे स्वरूप यानी माँ कात्यायनी की विधि-विधान और सच्चे मन से पूजा करने पर मनचाहे पति की प्राप्ति होती है। सारे काम सम्पन्न होते हैं।

या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

ऐसा कहा जाता हैं कि माँ दुर्गा के छठे स्वरूप यानी माँ कात्यायनी की विधि-विधान और सच्चे मन से पूजा करने पर मनचाहे पति की प्राप्ति होती है। सारे काम सम्पन्न होते हैं।

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