Monday, April 15, 2019

देखें, "टिक टॉक" ऐप पर बैन के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से SC का इनकार; 22 अप्रैल को अगली सुनवाई..

आज एक बार फिर मै कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

&#8220टिक टॉक&#8221 ऐप पर बैन के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है.मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी.दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट के बैन के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए थे कि देश में &#8220टिक टाॅक&#8221 ऐप के डाउनलोड परप्रतिबंध लगाया जाए क्योंकि यह अश्लील कंटेट का प्रसार कर रही है. कोर्ट ने मीडिया को भी आदेश दिया था कि वो इस ऐप से बने वीडियोज का प्रसारण ना करें.

आपको बता दें कि &#8220टिक टाॅक&#8221 ऐप की मदद से यूजर्स छोटे वीडियो बना और शेयर कर सकते हैं वो भी स्पेशल इफेक्ट्स के साथ, भारत में इसके हर महीने 54 मिलियन एक्टिव यूजर्स होते हैं.&#8221टिक टाॅक&#8221 ऐप के खिलाफ मदुरै के वरिष्ठ वकील और समाजसेवी मुथु कुमार ने याचिका दाखिल कर इसपरअश्लील सामग्री का प्रसार करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध की मांग की थी.उन्होंने अपनी याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि इस ऐप की वजह से बाल उत्पीड़न, आत्महत्या, सांस्कृतिक पतन हो रहा है.

कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि जो बच्चे इस ऐप को यूज कर रहे हैं वो तेजी से अश्लील कंटेंट से प्रभावित हो रहे हैं.जस्टिस एन कीरुबाकरन और एसएस सुंदर ने ऐप को बैन करने के आदेश जारी करते हुए केंद्र सरकार को 16 अप्रैल से पहले जवाब देने के लिए कहाथा.वहींटिकटॉकऐप के प्रवक्ता ने कहा था कि वो लोग कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं, हम स्थानीय कानून के पालन को लेकर प्रतिबद्ध हैं.कोर्ट ने इससे पहले अपने फैसले में कहा था कि इस ऐप के खतरनाक पहलु यह हैं कि इसकी वजह से बच्चे बेहद आसानी से किसी भी अनजान शख्स के संपर्क में आ सकते हैं.

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