Wednesday, April 17, 2019

WC19: भारतीय टीम के वो चार यार जो दिला सकते हैं भारत को तीसरा वर्ल्ड कप

नई दिल्ली (16 अप्रैल): वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के वो चार यार कौन हैं जो 1983 वर्ल्ड कप वाला करिश्मा कर सकते हैं जो कपिल और धोनी के बाद वर्ल्ड कप वाली तीसरी तस्वीर हिंदुस्तान को दे सकते हैं क्योंकि इंग्लैंड में टीम इंडिया की कामयाबी का खास कनेक्शन नजर आ रहा है  कपिल देव सौरव और धोनी ने इंग्लैंड में बड़ी जीत हासिल की है और अब इन्हीं कप्तानों की तरह विराट भी जीत की बड़ी तस्वीर पेश करना चाहते हैं। अगर देखें तो विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछले 2 साल में 48 मैच में से 33 में जीत हासिल की है सिर्फ 13 मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं विराट की कप्तानी में पिछले दो साल में टीम इंडिया ने घर की बजाय बाहर ज्यादा मैच जीते हैं  पिछले 2 साल में भारतीय टीम विदेशी मैदान पर 25 मुकाबले खेले हैं जिनमें से 19 में टीम इंडिया को जीत मिली है सिर्फ 5 मैच में टीम इंडिया हारी है। 


टीम इंडिया का यही आंकड़ा इस बार इंग्लैंड में फिर से जीत की गारंटी दे रहा है। वैसे भी विराट की अगुवाई में एक ऐसी टीम चुनी गई है जो बाकी टीमों से अलग नजर आती है। अगर बात इंग्लैंड में भारतीय टीम के प्रदर्शन की करें तो फिर टीम इंडिया ने यहां कई कामयाबी हासिल की है । 1983 में कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने पहली बार वर्ल्ड कप इंग्लैंड में ही जीता था। जिसके बाद साल 2002 में सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के लॉर्ड्स पर ही भारतीय टीम का लोहा मनवाया था। इस जीत के बाद टीम इंडिया कभी पीछे मुंड़कर नहीं देखी।  2002 के बाद साल 2013 में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने एक बार फिर से लॉर्ड्स के मैदान पर चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम किया था।

यानि कि इंग्लैंड में भारतीय टीम ने कई बड़ी कामयाबी हासिल की है। और अब बारी विराट की है ।  वैसे 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी में विराट भी इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गए थे। लेकिन फाइनल में भारतीय टीम पाकिस्तान से हार गई थी। इंग्लैंड में टीम इंडिया का एक और कनेक्शन नजर आ रहा है। 1983 का वर्ल्ड कप भारत ने इंग्लैंड में जीता था। 1983 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के चार ऑलराउंडर ने जीत में सबसे अहम रोल अदा किया था और अब एक बार फिर विराट की टीम में चार यार नजर आ रहे हैं।

वर्ल्ड कप की टीम में ये चार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या, विजय शंकर,  रवींद्र जडेजा और केदार जाधव ऑलराउंडर की हैसियत से शामिल हुए हैं।  वर्ल्ड कप में हमेशा से ऑलराउंडर गेम चेंजर साबित हुए हैं। अगर बात 1983 वर्ल्ड कप की करें तो फिर इस टीम में भी कपिल देव मोहिंदर अमरनाथ, रोजर बिन्नी और मदन लाल के रुप में चार आलराउंड शामिल थे। कपिल देव ने 1983 के वर्ल्ड कप में 303 रन के साथ 12 विकेट अपने नाम किये थे। मोहिंदर अमरनाथ ने 237 रन के साथ 8 विकेट लिये थे। मदन लाल ने 102 रन के साथ 17 विकेट झटके थे वही रोजर बिन्नी ने 73 रन बनाने के साथ साथ सबसे ज्यादा 18 विकेट अपने नाम किये थे।

दरअसल इंग्लैंड में पिच ऐसी होती है जहां कभी भी पिच का मूड बदल जाता है। अगर कोई टीम चार तेंज गेंदबाज के साथ उतरता है और टीम में स्पिनर नहीं रखता है तो फिर इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। क्योंकि पिच सूखने के बाद स्पिनर्स के लिए भी मददगार हो जाती है।  ऐसे में हर टीम गेंदबाजी में ज्यादा विकल्प के साथ मैदान पर उतरने की कोशिश करता है।

हार्दिक पांड्या जहां तेज गेंदबाजी के साथ तेज बल्लेबाजी कर सकते हैं। वही विजय शंकर भी पांड्या की तरह तेज गेंदबाजी के साथ लंबे लंबे शॉट्स लगा सकते हैं। जबकी रवींद्र जडेजा और केदरा जाधव स्पिन गेंदबाजी के साथ साथ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। अब देखेन वाली बात होगी कि इस बार वर्ल्ड कप में 1983 की तरह ये चार ऑलराउंडर बड़ा चमत्कार कर पाते हैं या नहीं ।

टीम इंडिया में ओपिंग के ये दों नाम तय ही है धवन और रोहित का बल्ला टीम इंडिया के लिए जमकर चल रहा है और रन बना रहा हैं। दोनों वर्ल्ड कप में कोहली के लिए ओपनर की भूमिका निभाने वाले है ये तय ही  है। दोनों के प्रदर्शन पर अगर नजर डाली जाए तो रोहित ने भारत के लिए अब तक 206 वनडे में 87.95 के स्ट्राइक रेट से 8010 रन बनाए है जिसमें 22 शतक और 41 अर्धशतक शमिल है तो वहीं वर्ल्ड कप में रोहित ने भारत के लिए 8 मैचों में 47.14 के औसत से 330 रन बनाए है वहीं बात करे अगर शिखर धवन की तो गब्बर के बल्ले ने भी रनों की बारिश कर रखी है धवन ने भारत के लिए अब तक 128 वनडे में 93.79 के स्ट्राइक रेट से 5355 रन बनाए है जिसमें 16 शतक और 27 अर्धशतक शामिल हैं। वर्ल्ड कप में 8 मैचों में 51.50 के औसत से 412 रन बनाए हैं।

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