Thursday, November 7, 2019

अमेरिका-चीन के वैश्विक वार के अंत से होगा भारत का मुनाफा!

पिछले एक साल से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की मार से जूझ रही है। केंद्रीय बैंको के द्वारा रेट के कमी करने का ऐलान के बाद से आर्थिक सुस्ती ख़त्म होने के आसार दिख रहें है। हालांकि अर्थव्यवस्था अचानक पटरी पर तो नहीं आ सकती लेकिन कुछ वक्त लगेगा।

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बता दें कि कुछ दिनों से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा रही है। वहीँ ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अब कई देश अर्थव्यवस्था को तेज करने के प्रयास कम कर सकते हैं क्योंकि कुछ समय बाद इसमें सुधार की गुंजाइश है। सिंगापुर में स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के प्रधान अर्थशास्त्री डेविड मन ने कहा है कि, &#82162019 में अर्थव्यवस्था की हालत खराब हो गई थी लेकिन 2020 में इसमें सुधार की बहुत सारी वजहे दिख रही हैं।&#8217

वहीं जेपी मॉर्गन चेज ऐंड कंपनीज ग्लोबल इंडेक्स का मानना है कि अर्थव्यव्था कमजोर होना जरूरी है लेकिन यह धीरे-धीरे पाॉजिटिव हो रही है और स्थिर है। अमेरिका की एजेंसी आइएसएम &#8216ISM&#8217 की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पे-रोल में बढ़ोतरी के अनुमान हैं और पिछले दो महीने की तुलना में अक्टूबर में ज्यादा हायरिंग हुई हैं।

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ब्रेक्जिट को लेकर अनिश्चितताओं और ट्रेड वॉर के चलते यूरोप की अर्थव्यवस्ता भी खराब स्थिति से गुजर रही है, लेकिन अक्टूबर माह में कुछ सुधार देखा गया। वहीं यूरो एरिया में तीसरी तिमाही में अनुमान के मुताबिक ज्यादा ग्रोथ देखी गई। जर्मनी तो मंदी के हालात तक ही पहुंच गया था लेकिन यहां के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ दर्ज की गई है।

अगर हम एशिया की बात करें तो साउथ कोरिया में पिछले 2 सालों में अर्धचालक के निर्माण में काफी कमी आई। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती समाप्त हो रही है। सोमवार को अमेरिका का शेयर बाजार ऑल टाइम हाइ तक पहुंचा। वहीं एशिया के बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। बुधवार को सेंसेक्स ऑल टाइम हाई के स्कोर तक पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 12,000 के करीब तक पहुंचा।

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मिली जानकारी के मुताबिक वैश्विक बैंकों द्वारा रेट कट के ऐलान के बाद अर्थव्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। इसके अलावा मॉनेटरी पॉलिसी को कई देशों ने सरल कर दिया है जिससे अर्थव्यवस्था की जान लौट आई है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच ट्रेड पर हुई पहले चरण की वार्ता से एक सकारात्मक माहौल बन रहा है। दोनों देशों से मिली प्रतक्रियाओं के मुताबिक ट्रेड वॉर खत्म हो सकता है।

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