Tuesday, January 14, 2020

कमिश्नर प्रणाली का असर: दफ्तर पहुंचने से पहले जलाये गए सरकारी दस्तावेज

यूपी में कमिश्नर प्रणाली लागू होते ही नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि नोएडा में बुधवार को नवनियुक्त कमिश्नर आलोक सिंह प्रभार संभालेंगे। इससे पहले सूरजपुर स्थित पुलिस कमिश्नर ऑफिस में कई दस्तावेजों को जलाने जाने की खबर आई है।

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वहीं इस मामले में एसपी देहात रणविजय सिंह ने कहा कि किसी जरूरी कागजातों या दस्तावेजों को नहीं जलाया गया है, बल्कि कैंटीन संचालक ने कूड़े में आग लगाई है। आशंका जताई जा रही है कि जिन कागजातों को जलाया गया है, वे गैंगस्टर गुंडा एक्ट आदि से संबंधित दस्तावेज थे।

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वहीं एसपी देहात ने इसे खारिज करते हुए आश्वासन दिया कि जलाए गए दस्तावेजों से लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि सोमवार को योगी कैबिनेट ने लखनऊ और नोएडा में कमिश्नर प्रणाली को मंजूरी दे दी थी। इसकी घोषणा खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने की।

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कैबिनेट के फैसले के बाद लखनऊ में सुजीत पांडेय को कमिश्नर बनाया गया है, वहीं नोएडा के कमिश्नर के तौर पर आलोक सिंह का नाम तय किया गया है। अलीगढ़ के रहने वाले आलोक सिंह 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले आलोक सिंह मेरठ रेंज के आईजी के पोस्ट पर तैनात थे।

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