Saturday, March 7, 2020

वसीम जाफर : वो क्रिकेटर जो टीम इंडिया में दूसरे मौके का हकदार था !

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी के सभी रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले दिग्गज सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उनके पिता चाहते थे कि उनका एक बेटा देश की तरफ से क्रिकेट खेले. उन्हें इस बात पर फख्र है कि उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा किया. जाफर ने यह घोषणा अपनी रणजी टीम विदर्भ के सेमीफाइनल में हार जाने के बाद की.

वसीम जाफर ने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन के शुरुआती दौर में ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह इस सीजन के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगे और कोचिंग में अपना करियर बना सकते हैं. जाफर ने कहा था उन्हें क्रिकेट से जुड़ा रहना पसंद है. इसलिए संन्यास के बाद वह बड़े पैमाने पर कोचिंग के बारे में सोच रहे हैं. अगर वह कोचिंग में रहे तो यह काम उन्हें पसंद आएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि वह विदर्भ की टीम में मेंटर जैसी ही भूमिका में हैं. वह कोच की भी मदद करने की कोशिश करते थे. उनकी कोशिश कोच और खिलाड़ियों और कोच के बीच सेतु बनने की रहती थी. जाफर इस बार आईपीएल में कोचिंग करते नजर आएंगे. किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें बतौर बल्लेबाजी सलाहकार अपनी टीम से जोड़ा है.

41 साल के वसीम जाफर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच में 5 शतक और 11 अर्धशतक जमाए. भारत के लिए वसीम ने 2 वनडे भी खेले.  हालांकि देश के लिए वसीम जाफर को ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन घरेलू क्रिकेट में एक से एक रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रहे. वसीम जाफर ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुल 260 मैच खेले और इस दौरान 19410 बनाए जिसमें 57 शतक और 91अर्धशतक शामिल है.

दिलीप ट्रॉफी के इतिहास में जाफर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. दिलीप ट्रॉफी में उनके नाम 30 मैच की 54 पारियों में कुल 2545 रन दर्ज है, वहीं ईरानी ट्रॉफी में भी वो ही सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है. ईरानी ट्रॉफी में वसीम ने 12 मैच की 22 पारियों में कुल 1294 रन बनाए हैं.

 

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