Saturday, December 8, 2018

बुलंदशहर हिंसा : 2 पुलिस अधिकारियों का तबादला, हत्या का आरोपी फौजी जीतू गिरफ्तार

यूपी  के बुलंदशहर में जो बवाल हुआ वो बेहद शर्मनाक था. बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा में पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों में जमकर टकराव हुआ था, इस मामले में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बड़ा सख्त फैसला लिया है.   भीड़ के हमले मामले में दो पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। इन अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित एक शख्स की मौत हो गई थी। अतिखाली पुलिस महानिरीक्षक एसबी शिराडकर, सर्किल ऑफिसर (सीओ) सत्या प्रकाश शर्मा और चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार का सोमवार को क्षेत्र में बिगड़ी स्थिति में संभालने में नाकाम रहने के लिए तबादल कर दिया गया है।

बुलंदशहर हिंसा: घटना पर प्रधानों ने उठाया सवाल, आखिर इतनी भीड़ कहां से जुटी!

क्या कहते है गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी

गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि खेत में कुछ हिंदूवादी संगठनों के कायकर्ताओं द्वारा गोवंश के अवशेष मिलने के बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने में नाकाम रहने की वजह से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इस भीड़ हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और चिंगरावठी गांव के रहने वाले सुमित सिंह की मौत हो गई थी।

डीजीपी ने लिया फैसला

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। डीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी। इस बीच योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की इस घटना को दुर्घटना बताया है।

उन्होंने पहले कहा था कि यह घटना एक बहुत बड़ी साजिश थी लेकिन शुक्रवार को दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह घटना वास्तव में एक दुर्घटना थी। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में कोई मॉब लिंचिंग की घटना नहीं हुई है। बुलंदशहर में जो हुआ, वो एक दुर्घटना थी।’ पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य साजिशकर्ता योगेश राज गिरफ्त से बाहर है।

हत्या का आरोपी फौजी जीतू  अरेस्ट

बुलंदशहर हिंसा: फौजी जीतू पर इंस्पेक्टर सुबोध को गोली मारने का शक, गिरफ्तार

बुलंदशहर हिंसा  के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह  की हत्या में सबसे अहम माने जा रहे फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू को नोएडा एसटीएफ ने शुक्रवार को जम्मू पहुंचकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। एसटीएफ उसे देर रात हवाई जहाज से लेकर दिल्ली पहुंच गई। उससे पूछताछ चल रही है। संभावना जताई जा रही है कि इंस्पेक्टर की हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामदगी के सिलसिले में पुलिस टीम फौजी को लेकर कभी भी बुलंदशहर पहुंच सकती है।

वीडियो वायरल हुआ था: बवाल को लेकर 2.48 मिनट का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक को इंस्पेक्टर की लाश के पास से कुछ उठाते हुए दिखाया गया है। इसी युवक पर इंस्पेक्टर को गोली मारने का भी संदेह अधिकारियों को है। इस युवक की शिनाख्त महाव गांव के जीतू फौजी के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। वह कारगिल में तैनात है। हिंसा के अगले ही दिन उसने जम्मू पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन की है। इससे शक और ज्यादा गहरा गया है।

सीजेएम कोर्ट से वारंट लेकर कश्मीर गई थी पुलिस टीम: बुलंदशहर में सीजेएम कोर्ट से वारंट लेकर सब इंस्पेक्टर विजय गौतम और एसटीएफ नोएडा की एक टीम जम्मू-कश्मीर गई थी। सूत्रों ने बताया कि देर रात दिल्ली लाने के बाद फौजी जीतू से सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने पूछताछ की है। हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद करके संभावना है कि शनिवार को अधिकारी इसकी पूरी जानकारी भी दे सकते हैं।

जीतू फौजी के पास है इंस्पेक्टर से लूटी गई पिस्टल: पुलिस का मानना है कि इंस्पेक्टर से लूटी 0.32 बोर की निजी पिस्टल संभवत: जीतू फौजी के ही पास है। उसके आने के बाद यदि वह पिस्टल को बरामद कर लेते हैं तो यह बड़ी कामयाबी होगी।

कारगिल में तैनात है जीतू फौजी: जीतू इन दिनों कारगिल में तैनात है। वह बीस दिन पहले ही छुट्टी पर आया था, उसकी छुट्टी मंगलवार को समाप्त हो गई थी। सोमवार को हुई हिंसा के बाद वह ड्यूटी के लिए निकल गया था।

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