Saturday, December 8, 2018

सर्जिकल स्ट्राइक: सेना के रिटायर्ड अफसर के बयान के बहाने राहुल ने पीएम मोदी को बताया मिस्टर 36

नई दिल्ली: उड़ी कैंप पर हमले के बाद भारतीय सेना की तरफ से की गई सर्जिकल स्ट्राइक राजनीतिक दलों के बीच जंग की वजह बनी हुई है। सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा की टिप्पणी को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। इसको लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बयान के लिए हुड्डा की तारीफ की है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को अप्रत्यक्ष रूप से मिस्टर 36 कहा।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘उन्होंने एक सच्चे सैनिक जनरल की तरह बोला है। भारत को आप पर बहुत गर्व है। मिस्टर 36 को सेना को अपनी निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने पर निश्चित रूप से कोई शर्म नहीं है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया और राफेल डील के जरिए अनिल अंबानी की संपत्ति 30 हजार करोड़ बढ़ाई।’

मोदी सरकार 36 राफेल विमान खरीद रही है। माना जा रहा कि राहुल ने इसी पर तंज करते हुए मिस्टर 36 लिखा है।इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस मसले पर पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी की तुच्छ राजनीतिकरण को उजागर करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा आपका शुक्रिया! हमारे सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को कोई अपनी सस्ती राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक हित के साथ समझौता करने और बिना वजह अपनी छाती ठोंकने के लिए मोदीजी पूरी तरह से दोषी हैं।’

वहीं, उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक सेना के पास मौजूद विकल्पों में से एक है। इसका देश में सकारात्मक असर है। इससे हम आतंकवाद से निपटने में काफी हद तक कामयाब हुए हैं।इसके अतिखाली आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी इस मसले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह हुड्डा का व्यक्तिगत नजरिया है। लिहाजा इस पर टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइल को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई है। लिहाजा मैं उनकी बात का बहुत सम्मान करता हूं।’

क्या कहा था डीएस हुड्डा ने

लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) डीएस हुड्डा ने कहा था कि भारतीय सेना द्वारा दो साल पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का महिमामंडन किए जाने की जरूरत नहीं है। जब 29 सितंबर 2016 को एलओसी पार करके भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था, उस वक्त लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे।

उन्होंने कहा कि जब जरूरत हुई, तो सर्जिकल स्ट्राइक सफलतापूर्वक की गई थी लेकिन अब इसका राजनीतिकरण हो रहा है। सेना की सर्जिकल स्ट्राइक सही थी या गलत थी क्या यह भी राजनेताओं से पूछा जाएगा? लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का बढ़ाकर प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है।

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