Friday, December 7, 2018

जनपद में धूमधाम से मनाया गया सशस्त्र सेना झण्डा दिवस…

 

 

श्रावस्ती – देश की रक्षा के लिए जिन वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहूति देकर देश व प्रदेश तथा जिले का नाम गर्व से ऊॅचा किया है। तथा भारत माॅ के ये जवांज वीर सपूत जब-जब हमारे देश में दैवीय आपोस्टाओं के समय सहायता एवं पुनर्वास कार्यों की जरुरत समझी गयी है, इन सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है एसे देशभक्त वीर सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों की समुचित देखभाल करना हम सभी का परम कर्तव्य है।

शान्तिभंग करने के आरोप मे 06 व्याक्ति गिरफ्तार…

यह बात जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के शुभ अवसर पर कही,। उन्होने कहा कि सभी जनपोस्ट वासियों, सभी शासकीय एवं गैर शासकीय कार्यालय, अधिष्ठानों से अपील भी की है कि उक्त अवसर पर उदारतापूर्वक इस पुनीत कार्य में धनदान स्वरुप प्रदान करें। आज के दिन ही देश की जनता के पास सैनिकों के प्रति सम्मान करने का मौका रहता है, सैनिक, जो देश की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहते हैं, उन्हें भी सम्मान का अनुभव कराए जाने के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है, प्रतिवर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि सशस्त्र झंडा दिवस देश की सुरक्षा में शहीद हुए सैनिकों के परिवार के लोगों के कल्याण के लिए मनाया जाता है. इस दिन झंडे की खरीद से इकठ्ठा हुए धन को शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण में खर्च किया जाता है।

कर्मचारियों को अपने कर्तव्य के बारे में रहें सजग : पुलिस अधीक्षक

इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी व प्रभारी जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, राकेश रमन ने जिलाधिकारी को टोकन फ्लैग लगाकर शुभारम्भ किया। तथा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के कर्मचारियों ने मिलकर अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के स्टीकर फ्लैग लगाकर दानपात्र में धन संग्रहीत किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण की कनिष्ट सहायक सुमन लता, कनिष्ट लिपिक ईश्वर सिंह बिष्ट, राम औतार, समाज कल्याण विभाग के गंगाराम जायसवाल, देवेन्द्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

रिपोर्टर – प्रवीण मिश्रा

आप इस बार के चुनाव में किसे वोट देंगे &#8211 अभी वोट करें

इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे, और इस तरह के पोस्ट को पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहे.

No comments:

Post a Comment