Friday, December 7, 2018

ट्वीटर पर स्लीवलेस टी-शर्ट के साथ फोटो डाल रही है महिलाएं जानिए क्या है इसके पीछे वजह

ट्वीटर पर स्लीवलेस टी-शर्ट के साथ फोटो डाल रही है महिलाएं जानिए क्या है इसके पीछे वजह

न्यूजीलैंड में अपनी अंडरवियर दिखा कर पोस्ट करने के बाद सारे लोग एक महिला के साथ खड़े हो गएथए जिसे रेप होनें के बाद भी न्याय नहीं मिला था अब ऐसा ही नजारा ऑस्ट्रेलियां में भी नजर आ रहा है जब महिलाएं भारी मात्रा में अपना स्लीवलेस फोटो ट्वीटर पर डाल रही है।इस कारनामें के पीछे एक महत्वपुर्ण कारण छुपा हुआ है जो ऑस्ट्रेलियां की महिला पत्रकार पैट्रिशिया कार्वेलास से जुड़ा हुआ है और देश और विदेश की सारी महिलाएं अपनी स्लीवलेस टॉप का फोटो डालकर उनका सपोर्ट कर रही है।

दरअसल, हाल ही में पैट्रिशिया छोटी बांह का टॉप पहनकर ऑस्ट्रेलियाई संसद की रिपोर्टिंग करने गई थीं। यहां उन्हें संसद परिसर से यह कहकर निकाल दिया गया कि उनकी ड्रेस काफी छोटी है और इससे उनके शरीर का काफी भाग दिख रहा है।

पैट्रिशिया ने ट्विटर पर अपनी बाहें दिखाते हुए एक फोटो शेयर किया और लिखा, “मुझे संसद से इस लिए बाहर निकाल दिया गया क्योंकि उन्हें मेरे हाथ का काफी भाग खुला दिख रहा था। ये बेवकूफी है! लेकिन अटेंडेंट के कहने पर मैंने बाहर जाना ही बेहतर समझा। मुझे लगता है कि यह नियम आजके मानकों के हिसाब से ठीक नहीं है।”

संसद के सदन और गैलरी दोनों ही जगहों पर ड्रेस कोड का एक मानक है। पहले पुरुष पत्रकारों को भी सूट नहीं पहनकर आने पर प्रेस गैलरी में घुसने से रोका जा चुका है। लेकिन पैट्रिशिया का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में उतर गए हैं। 

एक ट्विटर यूजर ने इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री जूली बिशप की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि पिछले महीने मंत्री भी स्लीवलेस ड्रेस पहनकर संसद पहुंची थी, उन्हें संसद से बाहर क्यों नहीं किया गया?

एक और ट्विटर यूजर ने घटना पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘हेभगवान! आपके हाथ हैं? तुरंत वहां से निकल जाइए।’’ वहीं दूसरे ट्विटर यूजर ने कहा, ‘‘क्या लोगों को खुली बाहों में घूमने का  अधिकार नहीं है?’’

ट्विटर पर मामला बढ़ने के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार को माफी मांगनी पड़ी है। देश के रक्षामंत्री क्रिस्टोफर पाइन ने कहा, “मैंसदन की तरफ से मिस कारवेलास को प्रेस गैलरी से निकाले जाने के लिए माफी मांगता हूं।’’ स्पीकर टोनी स्मिथ ने मामले की जांचबिठाने की बात कही।

कार्वेलास ने सरकार की तरफ से माफी मांगे जाने के बाद कहा, “संसद में ड्रेस कोड के रिव्यू किए जाने की पहल से काफी खुश हूं। आखिरअब महिला पत्रकारों को प्रोफेशनल कपड़े पहनने की आजादी मिलेगी।”

यह महिलाओं की आजादी की ओर एक और बढ़ा कदम है और महिला हो या पुरुष सभी को जो भी वह चाहे वह पहननें का हक है और सभी देशों में सरकार को इस मामलें में सोचना चाहिये और इस पर काम करना चाहिये।

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