Friday, December 7, 2018

देश व प्रदेश को कार्बन मुक्त बनाने के लिए सोलर एनर्जी के प्रति जन जागरूकता बेहद आवश्यक – बृजेष पाठक

उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी समिट

लखनऊ-07 दिसम्बर – कार्बन उत्सर्जन से विश्व में काफी समस्यायें उत्पन्न होती जा रही हैं, इससे मुकाबला करने लिए देश व प्रदेश के नागरिकों में सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता की बहुत आवश्यकता है।  उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने सोलर एनर्जी के व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।
गोमतीनगर के होटल रेनेसा में पी0एच0डी0 चैम्बर के तत्वाधान में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी  समिट का उद्घाटन करते हुए कैबिनेट मंत्री, विधि एवं न्याय ने कहा कि यदि हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित जीवन देना चाहते हैं तो हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर गम्भीरता से विचार करना होगा।

एक वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन की बढ़ती मात्रा के कारण भारत में औसत उम्र में चार वर्ष की कमी आती जा रही है।  इस तरह हम आने वाली पीढ़ियों का जीवन जान-बूझ कर खतरे में डाल रहे हैं। इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सोलर एनर्जी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचा कर इसे स्वीकार्य बनायें।  सरकार इस बारे में लोगों की राय जानने के लिए सोशल मीडिया का सहारा भी ले रही है, जिससे यह पता चल सके कि जो लोग इस क्षेत्र में आना चाहते हैं उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बृजेश पाठक ने देश के उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में प्रारम्भिक तौर पर काफी लागत आती है, जिसके समाधान के लिए सरकार चाहती है कि बड़े उद्यमी आगे बढ़कर सोलर प्लान्ट लगाने में रूचि दिखायें।  उन्होंने इस क्षेत्र में आने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सहूलियतें बताते हुए कहा कि इसमें सरकार जमीन खरीद पर स्टाम्प शुल्क और ड्यिूटी निःशुल्क रखेगी, ट्राँसमिशन लाइनें बिछाने में सरकार पूरा सहयोग देगी,

प्रदेश से बाहर ऊर्जा बेचने पर सरकार कोई चार्ज नहीं लगाएगी।  इन उद्यमियों के लिए सरकार की तरफ से सारी सुविधायें वन विण्डो सिस्टम पर उपलब्ध होंगी।

 कैबिनेट मंत्री ने सोलर एनर्जी का उपभोग करने वाले उपभोक्ता को मिलने वाली सहूलियत का ब्यौरा देते हुए कहा कि जो उपभोक्ता इस कार्य के लिए अपनी छतों का प्रयोग करने के लिए देंगे, उन्हें 25 वर्षों तक मुफ्त में बिजली मिलेगी और जो उपभोक्ता अपनी छत पर तैयार बिजली को बेचना चाहेंगे। उन्हें दस हजार रूपये मेगावाट की दर से बिजली बेचने में सरकार सहयोग करेगी।  सोलर प्लान्ट लगाने से एक परिवार में लगभग 40 प्रतिशत तक बिजली बिल में कमी आ सकती है।   कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि एक एजेन्सी ने सर्वे करने पर पाया कि केवल लखनऊ शहर में 7 हजार किलोमीटर की छतें हैं, यानि कि सात हजार किलोमीटर तक सोलर पैनल बिछाने का कार्य किया जा सकता है।  उन्होंने लखनऊ वासियों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह से लखनऊ शहर का आगे बढ़कर विकास हो रहा है, उसी तरह लखनऊ वासियों को संकल्प लेना चाहिए कि वे प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कार्बन उत्सर्जन से पूरी तरह से मुक्त करके कार्बन मुक्त लखनऊ बनायेंगे। बृजेश पाठक ने इस बात पर बेहद निराशा व्यक्त की कि सोशल मीडिया व इण्टरनेट के इस दौर में भी लोगों में सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता की बेहद कमी है, अतः इसका काफी बड़ी मात्रा में प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।  कार्यक्रम का आरम्भ मुकेश बहादुर सिंह, को-चेयरमैन, यू0पी0 चैप्टर, पी.एच.डी. चैम्बर के स्वागत भाषण से हुआ।  उन्होंने अतारीखयों का स्वागत करते हुए कहा कि आज दिन-प्रतिदिन जिस प्रकार से जलवायु परिवर्तन हो रहा है वह बेहद चिन्ता का विषय है।

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इसकी चुनौतियों का हम आए दिन सामना करते रहते हैं।  इसका एकमात्र उपाय वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत का प्रचार-प्रसार करके उसे बढ़ावा देना है।  वक्ताओं के अगले क्रम में गौरव प्रकाश, को-चेयरमैन, यू0पी0 चैप्टर, पी.एच.डी. चैम्बर ने चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में काफी तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं।  ऐसे में हमें ऊर्जा के अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देने की विशेष आवश्यकता है।  आज व आने वाले समय में सोलर एनर्जी, वाइन्ड एनर्जी और बायो एनर्जी हमारे समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता होगी। इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए यू0पी0 नेडा की निदेशक अमृता सोनी ने कहा कि यू0पी0 नेडा इस दिशा में काफी प्रयास कर रहा है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सोलर एनर्जी के बारे में जानकारीपहुँचायी जा सके, लेकिन यू0पी0 नेडा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन की उपलब्धता की है जिसके कारण वैकल्पिक ऊर्जा का कार्य बहुत ज्यादा प्रभावित होता है।  इसी क्रम में योगेश श्रीवास्तव, प्रिन्सिपल डायरेक्टर, पी0एच0डी0 चैम्बर ने कहा कि लोगों की जो छतें खाली पड़ी रहती हैं, उसका प्रयोग करने के प्रति लोगों को जागरूक होना होगा।  हमें इस समिट के माध्यम से एक ऐसा रोडमैप बनाना होगा, जिससे लोग परम्परागत ऊर्जा से वैकल्पिक ऊर्जा की तरफ बढ़ना आरम्भ करें।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने वैकल्पिक ऊर्जा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि आज जो पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।  कार्बन का उत्सर्जन बढ़ता जा रहा है, इसे रोकने की आवश्यकता है।  देश का भविष्य सोलर एनर्जी में ही सुरक्षित है।  उन्होने कहा कि अधिकांश वक्ता सोलर प्लान्ट के लिए लैण्ड की कमी बता रहे हैं, लेकिन यदि हम अपने गाँवों पर ध्यान करें तो पायेंगे कि हमारे गाँवों में नहरों का जाल बिछा हुआ है और यदि हम नहरों के ऊपर सोलर प्लान्ट लगाने का विचार करें तो भूमि की समस्या का आसानी से समाधान हो सकता है। आज हमारी प्राथमिकता  ग्रीन हाऊस गैसों को रोकने और सोलर एनर्जी को हर आम आदमी तक पहुँचाने की होनी चाहिए।
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