Friday, March 15, 2019

भारत के लिए खेले 2 विश्वकप, कभी कहा जाता था अगला बेदी, लेकिन फिक्सिंग ने खत्म किया करियर

अंडर 19 विश्वकप ने हमेशा भारत को कई खिलाड़ी दिए. जिसमे मोहम्मद कैफ, सुरेश रैना, युवराज सिंह विराट कोहली जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. इसके अलावा  भीकई ऐसे खिलाड़ी हुए जिन्होंने इस विश्वकप से निकल कर प्रसिद्धि पाई, ऐसा ही एक खिलाड़ी, जिसकी प्रतिभा को देख दिग्गज खिलाड़ी रहे दिलीप सरदेसाई ने उसे महान लेग स्पिनर बिशन सिंह बेदी करार दिया. लेकिन  आईपीएल में हुई फिक्सिंग में गलत नाम आने पर यह खिलाड़ी कभी भी इन आरोपों से उबर नहीं सका, और गुमनामी में खो गया है.

दो बार खेला अंडर 19 वर्ल्डकप-

ये खिलाड़ी हैं हरमीत सिंह, जिन्होंने एक नहीं दो  बार विश्वकप खेला, हरमीत सिंह ने पहला अंडर 19 वर्ल्डकप 2010 में खेला, इसके बाद उन्होंने 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में भारत का प्रतिनिधित्व किया. यह विश्वकप भारत ने अपने नाम किया था.

आईपीएल में लगे आरोप, लेकिन बरी हुए-

आईपीएल में कलंक के नाम से पहचान रखने वाला साल 2013 में हरमीत सिंह पर भी फिक्सिंग के आरोप लगे तो सब  हैरान रह गए. हरमीत एक होनहार स्पिन गेंदबाज थे, हरमीत की प्रतिभा को सबसे पहले सिर्फ नौ साल की उम्र में मुंबई जिमखाना क्लब ने पहचाना. मुंबई के पूर्व बाएँ हाँथ के स्पिनर पदमाकर शिवालकर हरमीत के कोच थे.

हरमीत की प्रतिभा को देख महान बल्लेबाज दिलीप सरदेसाई ने हरमीत की तुलना अपने समय के दिग्गज और महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी से की. इस तारीफ को हरमीत ने’साल 2009 में पूरी तरह सही साबित किया, जब मुंबई के लिए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ अपने पहले ही रणजी ट्रॉफी मैच में एक पारी में उन्होंने सात विकेट झटके. दो जूनियर विश्व कप से नाम हुआ, तो राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें आईपीएल के लिए अनुबंधित कर लिया.

ऐसे में जब इस खिलाड़ी पर आरोप लगे तो किसी को विश्वास नहीं हुआ. बीसीसीआई की जाँच हुई तो खिलाड़ी को  बरी कर दिया गया.

जम्मू-कश्मीर में हैं अब-

हालांकि, यह खिलाड़ी भले ही बरी हो गया, लेकिन वह इन आरोपों से कभी बरी नहीं हो पाया, इसका असर हरमीत  के करियर पर पड़ा. नौ साल के रणजी करियर में हरमीत सिर्फ 14 ही मैच खेल सके हैं, इस दौरान उन्होंने कई राज्य बदले और अब वह फिलहाल जम्मू-एंड-कश्मीर का हिस्सा हैं.

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