Friday, March 15, 2019

वर्ल्ड कप से पहले परेशान हैं इरफ़ान पठान, टीम इंडिया के लिए दिया बड़ा बयान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व आल राउंडर इरफ़ान पठान के बारे में कहा जाता है कि उनकी नज़र पारखी की है. बाएँ हाथ के तेज़ गेंदबाज़ इरफ़ान ने वर्ल्ड कपर से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को सलाह दी है. आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुई भारत और ऑस्ट्रेलिया की सीरीज़ में भारत को 3-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी. इस सीरीज़ के पहले दोनों मैच जीत कर भारत ने मज़बूत बढ़त बना ली थी लेकिन बाद के तीनों मैच भारत के हाथ से जाते रहे. वर्ल्ड कप से ठीक पहले इस तरह सीरीज़ हारने के बाद से टीम का कॉन्फिडेंस थोड़ा तो डगमगाया है.

इरफ़ान ने इस बात को समझते हुए अहम् सलाह टीम इंडिया को दी है. इससे पहले कि हम आपको बताएं कि इरफ़ान ने क्या सलाह दी है आपको बता दें कि टीम इंडिया की आख़िरी तीन वन डे में हुई हार की वजह टीम का मिडिल आर्डर अच्छा न होना बताया गया. आख़िरी दो वन-डे मैच में महेंद्र सिंह धोनी को टीम ने आराम दिया जिसकी भरपाई न हो सकी. इरफ़ान ने भारतीय टीम को सलाह दी कि इस हार में बहुत ज़्यादा न देखें और कोशिश करें कि इससे उबरें.

नम्बर चार पर कौन बल्लेबाज़ी करे इस बारे में बात करते हुए इरफ़ान ने कहा कि अम्बाती रायुडु एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो विश्व कप 2019 में इस जगह को भर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विजय शंकर भी अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं तो उनके बारे में भी विचार करना चाहिए. इस समय नंबर चार पर कौन खेलने उतरे ये भारतीय टीम के लिए एक विशेष मुद्दा बना हुआ है. इरफ़ान ने इस बारे में ट्विटर पर भी लिखा. ट्विटर पर इरफ़ान ने अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि मुझे उम्मीद है कि ये हार भारतीय टीम के कॉन्फिडेंस को डिगा नहीं पाएगी.

उन्होंने कहा,”उम्मीद करता हूँ कि ये हार भारतीय टीम के विशवास पर कोई प्रभाव नहीं डालेगी और जब तक वर्ल्ड कप आयेगा, मिडिल आर्डर पोजीशन की मुश्किल भी हल हो जाएगी. शाबाश ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ जीतने के लिए”. इरफ़ान की सलाह को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड भी विचार कर रहा है. कुछ जानकार ये भी चर्चा कर रहे हैं कि वो महेंद्र सिंह धोनी के होने और न होने से कितना फ़र्क टीम पर पड़ जाता है. अनुभवी पूर्व कप्तान जब फ़ील्ड पर होते हैं तो वो विराट कोहली को भी मदद करते रहते हैं.

उनकी अनुपस्थिति में विराट कोहली की कप्तानी उतनी प्रभावी नज़र नहीं आती है. मुश्किल असल में मिडिल आर्डर की भी है जब कप्तान को ये पता होता है कि मिडिल आर्डर में उसके पास एक अच्छा बल्लेबाज़ है तो वो आश्वस्त रहता है लेकिन ऐसा न होने पर वो चिंतित हो जाता है और कोई नया प्रयोग करने लगता है.

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