Wednesday, April 17, 2019

देखें, फिर निराशा ही लगी पंजाब क्रिकेट के हाथ, जानें फिर क्‍यों चूक गए यहां के क्रिकेटर..

आज एक बार फिर मै कुछ खेल से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

,एक समय था जब भारतीय क्रिकेट टीम में पंजाब के क्रिकेटरों की धूम होती थी, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं। यह लगातार दूसरा मौका है कि विश्‍वकप के लिए चुनी गई क्रिकेट टीम में पंजाब का कोई क्रिकेटर शामिल नहीं है। आइसीसी क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2019 के लिए सोमवार को घोषित भारतीय टीम में पंजाब का कोई खिलाड़ी नहीं है। 2015 में भी पंजाब का कोई खिलाड़ी भारत की विश्‍वकप टीम का हिस्‍सा नहीं बन पाया था। सिद्धार्थ कौल टीम में चुने जाने के दावेदार थे, लेकिन वह स्‍थान नहीं बना पाए। शुभमन गिल से भ‍विष्‍य में काफी उम्‍मीदें की जा रही है।

सिद्धार्थ कौल टीम इंडिया में स्‍थान पाने से चूके, शुभमन गिल से भविष्‍य में उम्‍मीदें

बता दें कि 1983 के विश्‍व कप विजय में पंजाब और चंडीगढ़ के क्रिकेटरों ने अहम भूमिका निभाई थी। टीम के कप्‍तान चंडीगढ़ के कपिलदेव थे। पंजाब के यशपाल शर्मा ने अपनी बल्‍लेबाजी से भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। पंजाब के पटियाला में जन्‍मे माेहिंदर अमरनाथ तोे विश्‍वकप के हीरो थे। इसी तरह 2011 में भारत की खिताबी जीत में युवराज सिंह और हरभजन सिंह का योगदान था।

सोमवार को चुनी गई भारतीय टीम में पंजाब का कोई खिलाड़ी चुना जाना राज्‍य में क्रिकेट की स्थिति को बयां करता है। वैसे राज्‍य के कई जूनियर क्रिकेटर तेजी से अपना स्‍थान बना रहे हैं। पंजाब के तेज गेंदबाज सिद्धार्थ कौल टीम इंडिया में आने के दावेदार थे और पिछले दिनों उनको इंग्‍लैंड दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम में भी शामिल किया गया था, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने में अधिक सफल नहीं रहे।

ऐसा लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार है जब टीम इंडिया में पंजाब का कोई खिलाड़ी जगह नहीं बना पाया।

1983 विश्व कप के फाइनल के हीरो मोहिंदर अमरनाथ थे। 2011 में वर्ल्‍ड कप में युवराज सिंह मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। 2002, 2007 और 2011 में सिक्सर किंग युवराज सिंह के साथ ही टर्बनेटर हरभजन सिंह भी टीम इंडिया के महत्वपूर्ण अंग थे। 2007 में टी-20 विश्व कप की खिताबी जीत में भी इन दोनों खिलाडिय़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लाला अमरनाथ, मोहिंदर अमरनाथ, सुरिंदर अमरनाथ, मदन लाल, बिशन सिंह बेदी, यशपाल शर्मा, नवजोत सिंह सिद्धू, दिनेश मोंगिया जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे। हालांकि 1992 और 1999 की टीम में कोई पंजाबी खिलाड़ी विश्व कप की टीम में जगह नहीं बना पाया था।

विश्व कप की टीम में पंजाबी खिलाड़ी

1983 : यशपाल शर्मा, मोहिंदर अमरनाथ, मदन लाल

1987 : नवजोत सिंह सिद्धू।

1992 : पंजाब का कोई खिलाड़ी नहीं।

1996 : नवजोत सिंह सिद्धू।

1999 : पंजाब का कोई खिलाड़ी नहीं।

2003 : युवराज सिंह, हरभजन सिंह, दिनेश मोंगिया।

2007 : युवराज सिंह, हरभजन सिंह।

२०११ : युवराज सिंह, हरभजन सिंह।

2015 व 2019 की टीम में कोई पंजाबी खिलाड़ी नहीं है।

&#8216कंपटीशन बढ़ा, और मेहनत करनी होगी&#8217

&#8220पंजाब कभी क्रिकेट की भी नर्सरी रहा है। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन जैसे मैदान ने देश को कई खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन आइपीएल जैसे टूर्नामेंट आने के बाद देश के कोने-कोने से प्रतिभाएं निकलकर सामने आ रही है। इससे कंपटीशन बढ़ गया है। हमें और मेहनत करनी होगी। शुभमन गिल, मार्कंडेय, सिद्धार्थ कौल जैसे खिलाड़ी टीम में शामिल होने के दावेदार थे। उम्मीद है कि अगली बार हम शुभमन और मार्कंडेय समेत कुछ और खिलाडिय़ों को विश्व कप की टीम में जरूर देखेंगे।&#8217

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