Saturday, May 18, 2019

हिंसा की राजनीति कौन करता है , देश देख चुका है : पार्थ

अमित शाह के दावे पर तृणमूल का पलटवार, कहा…

-कहा, विद्यासागर की मूर्ति तोड़ना माफ नहीं करेगी जनता

कोलकाता : दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग पहली बार संवाददाता सम्मेलन करने के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्‍चिम बंगाल में भाजपा के 80 कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर लगाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को ममता दीदी से सवाल करना चाहिए कि आखिर बंगाल में ही हिंसा क्यों होती है तथा भाजपा के इतने कार्यकर्ता क्यों मारे गए? शहा के आरोप पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने शाह पर हमला करते हुए कहा कि हिंसा व हत्या की राजनीति कौन करता है, यह देश देख चुका है। पार्थ ने कहा कि ताजा उदाहरण विद्यासागर की मूर्ति तोड़ना है जिसमें भाजपा के लोगों के शामिल होने की बात अब सार्वजनिक तौर पर विभिन्न चैनलों के माध्यम से जनता के सामने आ चुकी है।
पार्थ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल में चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का निजी सहायक एक करोड़ रुपए के साथ आसनसोल में गिरफ्तार हुआ। उसके निशानदेही पर वहां फिर एक कारोबारी को लाखों रुपए के साथ गिरफ्तार किया है। गत रात को भाजपा के 2 नेता 23 लाख से अधिक की रकम के साथ पकड़े गए। उनके साथ एक 10 लाख का चेक भी था। ये साब साबित करता है कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए बंगाल में किस हद तक पैसा का खेल खेला लेकिन बंगाल की जनता भाजपा के पैसे के सामने नहीं झुकेगी। पार्थ ने कहा कि हमें अमित शाह से शिक्षा लेने की जरुरत नहीं है। बंगाल में भाजपा को शून्य से ही संतोष करना होगा।
पार्थ ने कहा कि भाजपा के नेता हमेशा ही मिथ्या बोलते हैं। अमित शाह भी मिथ्या बोल रहे हैं। तृणमूल महासचिव ने कहा कि भाजपा व अमित शाह को हार के बारे में पहले से ही पता चल गया है। हार के हताशा से ही अमित शाह एक बार फिर मिथ्या बोल रहे हैं। विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने की घटना को बंगाल की जनता माफा नहीं करेगी। पार्थ ने कहा कि जनता अंतिम चरण के मतदान में भाजपा के खिलाफ वोटिंग कर उसे विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के लिए सबक सिखाएगी।

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