Saturday, May 18, 2019

राजस्थान की इस जमीन के लिये इंदिरा गाँधी ने कहा था-“बुद्ध मुस्कुराए”

राजस्थान खोज खबर: 45 साल पहले दुनिया में भारत ने परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों में अपना नाम जोड़ने की पहल की थी, जिसका बीजारोपण पोखरण में हुआ था. राजस्थान के जैसलमेर से करीब 140 किमी दूर लोहारकी गांव के पास मलका गांव में 18 मई 1974 को भारत ने दुनिया में अपनी परमाणु शक्ति का लोहा मनवाया था. मलका गांव के जिस सूखे कुएं में पहला परमाणु परीक्षण किया गया था, वहां पर एक विशाल गड्ढा और उभरी हुई जमीन आज भी उन गौरवशाली पलों की कहानियां बयां करता है. लोहारकी गांव के प्रथम परमाणु स्थल पर वैज्ञानिकों ने बटन दबाकर जब न्यूक्लियर धमाका किया ता उसकी गूंज न केवल विश्व भर में गूंजी बल्कि पोखरण का नाम भी विश्व मानचित्र पर उभर गया. image

“इस परीक्षण को ‘स्माइलिंग बुद्धा’ का नाम दिया गया था। यह पहला मौका था जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा किसी और देश ने परमाणु परीक्षण करने का साहस किया। इस परीक्षण की प्रस्तावना वर्ष 1972 में लिखी गई, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र बीएआरसी का दौरा किया और वहां के वैज्ञानिकों से बातों ही बातों में उन्हें परमाणु परीक्षण के लिए संयंत्र बनाने की इजाजत दे डाली। “Image result for इंदिरा गांधी पोकरण में 'उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नाम दिया था बुद्ध मुस्कुराए यानी बुद्धा स्माइल. 45 साल पहले बुद्ध पूर्णिमा 18 मई 1974 को थी और ये दिन भारत के लिए गौरवशाली तो जैसलमेर वासियों के लिए भाग्यशाली दिन रहा था. उस दिन भी बुद्ध पूर्णिमा थी और आज 45 साल बाद भी 18 मई को भी बुद्ध पूर्णिमा है.

Image result for इंदिरा गांधी पोकरण में '

प्रथम नाभिकीय विस्फोट स्थल के करीब के गांवों के लोग उस वक्त को याद करते हुए कहते हैं कि उस दिन अचानक धमाका हुआ तो उनके घरों में कंपन की वजह से दरारें पड़ गईं. तब 12 हजार टीएनटी क्षमता का विस्फोट किया गया था. ग्रामीणों की मानें तो एक वक्त धमाके से धूल का गुब्बारा उठा था और कुछ देर बाद शांत हो गया.

Web Title : rkk
घर बैठे फ्री में पैसे कमाने के लिए अभी देख &#8211 यहाँ कमाये

No comments:

Post a Comment