Thursday, August 8, 2019

असाधारण प्रतिभा की सशक्त राजकीय पहचान के लिए, इन्हें दिया जाएगा भारत रत्न

भूपेन हजारिका एक कवि, गीतकार, गायक, अभिनेता, पत्रकार, लेखक, फिल्मकार साथ ही विभिन्न विधाओं का समुच्चय थे। उन्होंने असम की समृद्ध लोक धरोहर को अपने गानों के माध्यम से सुंदरतापूर्वक व्याख्यायित करके दुनिया के सामने पेश किया। जिसके लिए उन्हें आज(8 अगस्त) दिया जाएगा भारत रत्न।

तेज हजारिका(भूपेन हजारिका के पुत्र) का कहना है कि उनके पिता दुनिया के लिए भारत का उपहार हैं और मरणोपरांत उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया जाना उनकी असाधारण प्रतिभा की सशक्त राजकीय पहचान है। अपनी इसी मेधा से उन्होंने हर वर्ग के भारतीयों को शिक्षित और प्रेरित किया था। तेज ने एक साक्षात्कार में कहा कि ‘यह सम्मान, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक प्रशासन के चुनौतीपूर्ण लेकिन व्यावहारिक मार्ग के जरिए, देश की जनता का कल्याण करने की सुविचारित भावना पर आम जन की मोहर है।’

बता दें कि अमेरिका में रह रहे तेज हजारिका भूपेन दा को बृहस्पतिवार(8 अगस्त) को प्रदान किये जाने वाले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान को ग्रहण करने के लिए यहां आये हुए हैं। भूपेन हजारिका भूपेन दा नाम से लोकप्रिय थे। तेज ने अपने पिता की विरासत को आगे ले जाने के लिए कुछ साल पहले हजारिका फाउंडेशन शुरू किया था।

तेज के मुताबिक ब्रह्मपुत्र के इस गायक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि उनके गाने प्राथमिक कक्षाओं से लेकर स्नातक तक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाये जाएं। उनके गानों को मजबूत तथा प्रबुद्ध भावी भारत के लिए एकीकरण और सद्भाव की भाषा के रूप में लिया जाए।

जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 1926 में सादिया में एक शिक्षक के परिवार में जन्मे भूपेन दा ने 1942 में गुवाहाटी से मूलभूत शिक्षा हासिल की। उन्होंने 1944 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीए और 1946 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय से जनसंचार में पीएचडी की। उन्हें अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय से लिस्ले फेलोशिप भी मिली। अमेरिका में वह महान अश्वेत गायक पॉल रॉबसन से मिले जिनके प्रसिद्ध गाने ‘ओल्ड मैन रिवर’ का ‘बिस्तरनो पैरोल’’ (हिंदी-ओ गंगा बहती है) में रूपांतरित किया गया।

सरकार ने 25 जनवरी को घोषणा की थी कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मखर्जी, भारतीय जनसंघ के नेता नानाजी देशमुख (मरणोपरांत) और हजारिका को भारत रत्न प्रदान किया जाएगा। ये पुरस्कार बृहस्पतिवार(8 अगस्त) को दिये जाएंगे। तेज ने कहा कि उनके पिता को भारत रत्न प्रदान करना ऐतिहासिक मील का पत्थर है। भारत जान गया है कि उसकी विविधता उसकी विशिष्टता और ताकत है।

    अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान यह पहली बार हुआ था जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवादताताओं से रूबरू हुए ।…

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