Saturday, September 14, 2019

मंदी की मार नहीं झेल पायी 114 साल पुरानी एवरेडी कंपनी, इतने करोड़ में नीलाम हुई पूरी संपत्ति

एक दौर था जब हर किसी के जुबान पर एवरेडी बैटरी का नाम था। मगर बदलते ज़माने के साथ इसका नाम तक लोग भूलने लगें है। वही बैटरी बनाने वाली देश की 114 साल पुरानी कंपनी एवरेडी इंडस्ट्रीज &#8220Eveready Industries&#8221 बिक गई। बता दें कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स में शुमार वॉरेन बफे &#8216Warren Bffett&#8217 की कंपनी बर्कशायर हैथवे की स्वामित्व वाली ड्यूरासेल इंक एवरेडी को खरीद रही है। वही इस सौदे में एवरेडी की मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और एवरेडी ब्रांड शामिल है। मिली जानकारी के मुताबिक, बफे की कंपनी एवरेडी को स्लंप सेल में करीब 1600-1700 करोड़ रुपये में खरीद रही है। स्लंप सेल में एकमुश्त कीमत के बदले एक से अधिक उपक्रमों का मालिकाना हक ट्रांसफर किया जाता है। इस सौदे को लेकर दोनों कंपनियों में सहमति भी बन गई है। वही इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि सौदा अंतिम चरण में है और इसकी औपचारिक घोषणा भी जल्द ही की जाएगी। वही एवरेडी हर साल करीब 1.5 अरब बैटरी बनाती है और इसके साथ ही 20 लाख से अधिक फ्लैश लाइट का भी कंपनी निर्माण करती है।

इनके बीच था मुकाबला-

आपको बता दें कि एवरेडी को खरीदने के लिए दो अमेरिकी कंपनियों &#8216बर्कशायर हैथवे&#8217 और दूसरी &#8216इनरजाइजर होल्डिंग्स&#8217 के बीच कड़ा मुकाबला था।
वही एवरेडी पर 700 करोड़ रुपये का कर्ज सौदे से कंपनी को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी। एवरेडी कंपनी पर करीब 700 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी ने यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसी बैंक, आरबीएल बैंक, इंडसइंड बैंक समेत अन्य स्रोतों से कर्ज लिया है। कंपनी के प्रमुख ब्रिज मोहन खेतान कर्ज की इस साल जून में मौत हो गई थी। खेतान के दौर में ही एवरेडी कारोबार को बेचने की कवायद हुई थी।

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