Friday, March 27, 2020

कोरोना का कहर: देश में जल्द बनेंगे कोविड अस्पताल, 26 राज्यों में फैल चुका है संक्रमण!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली। देश में तेजी अपने पैर पसार रहे कोरोना वायरस ने 100 से भी ज्यादा जिलों को अपनी जद में ले लिया है। गुरुवार तक देश के 102 जिलों में संक्रमित मरीज सामने आएं हैं। अब सरकार हर जिले में कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी कर रही है। सभी राज्यों को कोरोना वायरस के लिए विशेष

अस्पताल तैयार करने के निर्देश हैं लेकिन जल्द ही हर जिले में एक अस्पताल तैयार करने का आदेश जारी होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो कोरोना वायरस का भारत में भविष्य क्या होगा? इसके बारे में किसी को नहीं पता। हालांकि लॉकडाउन से काफी हद तक इस संक्रमण पर नियंत्रण पाने में कामयाबी मिलेगी, लेकिन सरकार आगामी दिनों पर काम शुरू कर चुकी है।
नीति आयोग और देश के कई बड़े स्वास्थ्य विशेषज्ञ संयुक्त रुप से तीन महीने की गाइडलाइन तैयार करने में जुटे हैं।

इसके तहत हर जिले में कोविड अस्पताल तैयार करने के अलावा क्वारंटीन व आइसोलेशन, वेंटिलेटर, आईसीयू बेड में बढ़ोत्तरी, दो महीने की एडवांस पेंशन, घर जाकर मिड डे मील का भोजन वितरण, राशन की उपलब्धता और किसान-मजदूरों को मिलने वाली आर्थिक मदद में वृद्धि इत्यादि बिंदुओं पर योजना बनाई जा रही है।

तीन महीने का खाका तैयार किया जा रहा है
गुरुवार सुबह तक देश में कोरोना वायरस से 649 लोग संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से 13 ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि 42 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा एक मरीज देश से जा चुका है। फिलहाल देश में 593 संक्रमित मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर बने मंत्री समूह की निगरानी में ये गाइडलाइन लगभग तैयार होने जा रही हैं। जल्द ही सभी राज्यों को मिलकर इस पर काम करना होगा।

एक हजार वेंटिलेटर खरीदने की तैयारी में सरकार

मंत्रालय के एक और वरिष्ठ निदेशक ने बताया कि अभी तक देश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में से 5 फीसदी से भी कम को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। बावजूद इसके केंद्र सरकार करीब एक हजार वेंटिलेटर को खरीदने की तैयारी में है। इसके अलावा राज्यों को भी वेंटिलेटर व आईसीयू सेवाओं पर फोकस करने के आदेश दिए जा चुके हैं। दरअसल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत में कोरोना वायरस को लेकर स्थिति गंभीर बताई जा रही है। अमेरिका और यूके के चिकित्सीय विशेषज्ञों ने यहां तक दावा किया है कि भारत के लिए अगले दो सप्ताह सबसे ज्यादा गंभीर हैं। वहीं एक अध्ययन में ये भी दावा किया है कि भारत के लिए कोरोनो से जंग अगले कुछ सप्ताह या महीनों तक लड़ी जा सकती है।

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