Tuesday, March 24, 2020

देखें, भारत के उभरते युवा बल्लेबाज पर लगा आठ माह का यह प्रतिबंध..

आज एक बार फिर मै कुछ खेल से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

भारत के उभरते युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) पर डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद आठ माह का प्रतिबंध लगा है, जो नवंबर में पूरा होगा। बीसीसीआई (BCCI) के अनुसार शॉ का डोप टेस्‍ट (Dope Test) फरवरी में हुआ था। 16 जुलाई को उन्हें इसका दोषी पाया गया व 30 जुलाई को सजा सुनाई गई। इस सारे घटनाक्रम के दौरान 21 जुलाई को विराट कोहली की अगुआई में वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का चयन भी हुआ, जिसमें पृथ्वी शॉ का नाम नहीं था, जबकि वो टेस्ट टीम के प्रबल दावेदारों में से एक थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या चयनकर्ताओं को शॉ के डोपिंग मुद्दे की जानकारी थी!

ईमेल में बताया गया फिट नहीं हैं शॉ
टाइम्स ऑफ इंडिया की समाचार की मानें, तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी के मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट ने टीम चयन की पूर्व संध्या पर बीसीसीआई (BCCI) को एक ईमेल भेजा था, जिसमें लिखा था कि पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) हिप इंजरी से उबर रहे हैं।
इस प्रकार उन्हें अनफिट बताया, साथ ही चयन के लिए अनुपलब्‍ध होने की सूचना भी दी। ईमेल आशिष कौशिक ने भेजा था। टीम चयन के नौ दिन व वेस्टइंडीज के लिए उड़ान भरने के 24 घंटे बाद बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज भेजकर मीडिया को जानकारी दी कि शॉ को डोप टेस्‍ट में पॉजिटिव पाए जाने के कारण आठ माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

इस बयान के अनुसार पृथ्वी शॉ को 16 जुलाई को दोषी पाया गया था व 18 जुलाई को शॉ ने इसे स्वीकार भी कर लिया था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि प्रतिबंध लगाने के लिए 30 जुलाई तक इंतजार क्यों किया गया? क्या चयनकर्ताओं को इसके बारे में जानकारी थी? सूत्र के मुताबि‌क अगर चयनकर्ताओं को इसकी जानकारी नहीं थी, तो मीडिया सहित बाकी लोग कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वह सच्चाई जानते हैं। सूत्र के मुताबिक कुछ चयनकर्ताओं काे अनौपचारिक रूप से इसकी जानकारी थी। जाहिर है उन्हें ऑन-रिकॉर्ड इसकी जानकारी नहीं देने का मतलब है कि इस मामले में कुछ छुपाने की को‌शिश की जा रही थी।

छुपाने की कोशिश
खबर के मुताबिक बीसीसीआई ने पृथ्वी शॉ के बारे में चयनकर्ताओं को अपडेट उसी मेल के जरिए किया, जिसमें पांच अन्य खिला‌ड़ियों का भी अपडेट था। इसे देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे कुछ छुपाने की को‌शिश की गई थी। इस ईमेल में सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को फिट घोषित किया गया व चयन के लिए उपस्थित बताया गया, जो उंगूठे की चोट से जूझ रहे थे। वहीं ईशांत शर्मा व उमेश यादव टखने की चोट से जूझ रहे हैं, ऑलराउंडर विजय शंकर व गेंदबाज शार्दुल ठाकुर को भी इसी मेल के जरिए अनफिट बताया गया।
शॉ के बारे में अपडेट सिर्फ एक लाइन में दिया गया था। उसमें ज्यादा कोई जानकारी नहीं थी। जिससे यह साफ हो रहा था कि बीसीसीआई या चयनकर्ता या दोनों ही सच्चाई नहीं बताना चाहते थे।

खुद से नहीं खरीदा था सीरप
शॉ ने बोला था कि उन्‍होंने खांसी से छुटकारा पाने के लिए कफ सीरप केमिस्ट से खरीदा था व उसका प्रयोग किया था। सूत्र का बोलना कि फिजियोथेरेपिस्ट होने के बावजूद भारतीय क्रिकेटर खुद जाकर बाहर की दुकान से इस तरह की दवाई खरीदें, यह उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने बोला कि शॉ खुद सीरप खरीदकर नहीं लाए थे, उन्हें किसी ने दिया था।

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